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रोहतक में मानसून से पहले खुली नगर निगम की पोल, दो एमएम बारिश से ही सड़कों पर भरा पानी

Published: Thu, 02 Jul 2026 07:20 PM (IST)

नालों की सफाई अधूरी रहने से रोहतक में मानसून से पहले ही जलभराव की समस्या सामने आई है। मात्र 2 ...और पढ़ें

रोहतक में मानसून से पहले नालों की सफाई अधूरी।

रोहतक में मानसून से पहले नालों की सफाई अधूरी।

HighLights

  1. मानसून से पहले नालों की सफाई का काम अधूरा

  2. मात्र 2 मिमी बारिश से ही शहर में जलभराव

  3. नगर निगम कार्यालय के गेट पर भी भरा पानी

जागरण संवाददाता, रोहतक। नगर निगम ने मानसून शुरु होने से पहले शहर के बड़े और छोटे नालों की सफाई का काम पूरा करने के लिए टेंडर जारी किया था। इसके बावजूद शहर में कहीं भी नालों की सफाई का काम दिखाई नहीं दिया।

हालात ये हैं कि नगर निगम कार्यालय से महज करीब 300 मीटर की दूरी तक भी नालों की सफाई का कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिसका परिणाम वीरवार सुबह हुई करीब दो मिलीमीटर बारिश में ही देखने को मिल गया।

थोड़ी-सी बारिश होते ही शहर के कई प्रमुख मार्गों और बाजारों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां तक कि नगरनिगम कार्यालय के गेट पर भी गंदा पानी भर गया। जहां से निगम के अधिकारी, कर्मचारी व सैंकड़ों शहरवासी नगरनिगम कार्यालय में आते हैं।

नगर निगम ने मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नालों की सफाई का टेंडर 18 जून को जारी किया था। इसके बावजूद जगह-जगह पर नालों में गाद, प्लास्टिक और कचरे की सफाई न होने से ज्यों का त्यों भरा हुआ है।

जिस कारण वर्षा के पानी की निकासी न होने के कारण सड़कों पर भर गया। कई क्षेत्रों में वाहन चालकों को पानी से होकर गुजरना पड़ा, जबकि पैदल चलने वालों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद नगर निगम कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने भी पानी भर गया। इससे पता चलता है कि मानसून को लेकर नगर निगम की कैसी तैयारियां हैं।

नगर निगम कार्यालय से कुछ ही दूरी पर लघु सचिवालय व भगवान महावीर पार्क के पास नालों में कचरा व मिट्टी भरी हुई है। यहां पर नाले बिल्कुल जाम हैं। यदि निगम कार्यालय के आसपास ही जल निकासी की व्यवस्था नहीं है, तो शहर के अन्य हिस्सों में क्या हाल होगा। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है।

शहर के दिल्ली रोड, सोनीपत रोड, पुलिस लाइन के पास, एचएसआइआइडीसी (हैफेड रोड क्षेत्र), शीला बाइपास, झज्जर रोड, गोहाना रोड सहित अन्य मार्गों पर भी बारिश का पानी दोपहर बाद तक जमा रहा। कई स्थानों पर नालियों का पानी भी सड़कों पर आ गया।

कॉलोनियों की नालियों में जल की निकासी न होने के कारण गलियों में पानी भर गया। जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। रेलवे रोड बाजार में गंदा पानी भर गया। जिससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित रही।

हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाता। शहर के मुख्य बाजारों व मार्गों पर अभी भी नालों की सफाई नहीं हुई है। गोहाना रोड पर नाला बनाने के लिए गंदगी सड़क पर डाली गई है और उससे आगे नाले में कचरा भरा हुआ है। सुखपुरा चौक के पास नाले गंदगी से अटे हुए हैं। जिस कारण आसपास पानी भरा रहता है।

शीला बाइपास पर बस स्टैंड के आस-पास, जसबीर कॉलोनी, विशाल नगर में नालियों व नालों की कोई सफाई नहीं हुई है। जींद रोड पर नाले मिट्टी से भरे हुए हैं। नई अनाज मंडी के पास नालों में कचरा भरा हुआ है और अधिकतर ढक्कन गायब हैं।

झज्जर रो पर नालों में पालीथिन भरी हुई है। हिसार रोड पर कहीं-कहीं नालों से कचरा निकाला गया है। ट्रांसपोर्ट नगर के पास मुख्य नाला भी मिट्टी से भरा हुआ है। भिवानी चुंगी के पास नालों में कचरा भरा हुआ है। न्यू राजेंद्रा कॉलोनी के पास नाले में एक ओर घास उगी हुई है और दूसरी ओर कचरा भरा हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना है। ऐसे में नालों की सफाई न होने से शहर के अधिकतर हिस्सों में जलभराव हो सकता है।