जागरण संवाददाता, रोहतक :

बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। इस कारण से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। वह सिविल सर्जन कार्यालय में ही हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी लंबित मांगों को नहीं पूरा किया गया तो वह आंदोलन को तेज कर देंगे।

बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन की बैठक जिला प्रधान कुलताज मलिक की अध्यक्षता में मानसरोवर पार्क में रविवार को हुई। संचालन जिला सचिव मुकेश कुमार ने किया। जिला प्रधान कुलताज मलिक ने बताया कि सरकार ने उनकी मांगों को लंबे समय से लटकाया हुआ है। इसलिए अब 27 अगस्त से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बंद कर दिया जाएगा। सिविल सर्जन कार्यालय पर ही अनिश्चितकालीन हड़ताल की शुरूआत की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान जनता को होने वाली परेशानियों की जिम्मेदार प्रदेश सरकार होगी। जिला सचिव मुकेश कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा बहुउद्देशीय कर्मचारियों की मांगों को मानने के बावजूद भी लागू नहीं किया गया। इस कारण से ही कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष है। स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारियों ने बताया कि उनके द्वारा टीकाकरण कार्य, कॉपर- टी, डिलीवरी संबंधी अन्य सभी कार्य करवाए जाते हैं लेकिन सरकार द्वारा अभी तक उन्हें तकनीकी कर्मी नहीं घोषित किया गया है। बैठक के दौरान बिजेंद्र, रामतिलक, प्रमोद, अनिल, नरेश, विनेपाल, कुणाल, कुलदीप, अजय, जितेंद्र और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। ----------------

प्रभावित हो सकती हैं ये स्वास्थ्य सेवाएं

- शहर व गांव में एंटी लार्वा एक्टिविटी होगी बंद

- टीबी के मरीजों को नहीं मिल पाएगी दवाइयां

- बुखार के मरीज की नहीं बनाई जाएगी स्लाइड

- डेंगू के केस का नहीं किया जाएगा फॉलोअप

- मलेरिया के मरीज को भी नहीं मिल पाएगा इलाज

- गर्भवती महिलाओं का नहीं होगा रजिस्ट्रेशन व चेकअप

- डेथ व बर्थ रेजिस्ट्रेशन का काम हो सकता है प्रभावित

- स्वास्थ्य केंद्र पर मिलने वाली हर सुविधा होगी बंद कर्मचारियों की यह हैं प्रमुख मांगें -

- बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों को तकनीकी कर्मचारी घोषित किया जाए।

- बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी कैडर को तुरंत प्रभाव से ही 4200 ग्रेड मिले।

- पूर्व सरकार द्वारा बहुउद्देश्यीय कर्मचारी महिलाओं को दी जान वाली राशि 2090, 3000, 4000 रुपये तुरंत लागू हो।

- महिलाओं को वर्दी भत्ता समेत अन्य भत्ता भी दिया जाना चाहिए।

- एक निश्चित ट्रैवे¨लग भत्ता एक हजार से दो हजार रुपये दिया जाना चाहिए।

Posted By: Jagran