जागरण संवाददाता, रोहतक : पटेल नगर निवासी जोगेंद्र उर्फ जुग्गी मर्डर केस का ट्रायल अब ध्रुव व अक्षय पर भी चलेगा। आरोपितों की रिविजन पिटीशन वीरवार को सेशन कोर्ट में खारिज हो गई। इलाका मजिस्ट्रेट का फैसला बरकरार रखते हुए उन्हें केस में शामिल होने के लिए तलब किया है।

साल 2020 की चार जून को गांधी कैंप में पैरोल पर आए जोगेंद्र उर्फ जुग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चौधरी राम मर्डर केस में जुग्गी उम्रकैद की सजा काट रहा था और घटना के समय पैरोल पर आया हुआ था। चौधरी राम के पौत्र रमन व अनिल पर जुग्गी मर्डर का आरोप लगा था। केस में पुलिस ने पहल आठ लोगों का आरोप बनाया लेकिन बाद में ध्रुव व अक्षय को कोर्ट से डिस्चार्ज करवा दिया कि उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं है।

-काल डिटेल व डिसक्लोजर रहे अहम

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता पीयूष गक्खड़ ने इलाका मजिस्ट्रेट के पास ध्रुव व अक्षय को भी आरोपित बनाने के लिए एप्लीकेशन लगाई। उन्होंने कोर्ट में बताया कि मुख्यआरोपी अनिल से अक्ष्य की हत्या से पहले दिन 23 बार फोन पर बात हुई है। वहीं हत्या से पांच मिनट पहले भी दोनों के बीच बात हुई है। वहीं ध्रुव ने हत्या के बाद अनिल की मां व पत्नी को किसी सुरक्षित स्थान पर कार से छोड़ा था। पुलिस ने वो कार भी बरामद की है। गिरफ्तारी के समय बाकी आरोपितों के डिसक्लोजर में भी उनकी भूमिका का जिक्र आया है।

-आरूषि मर्डर केस का दिया हवाला

सेशन कोर्ट में रिवीजन पिटिशन पर बहस के दौरान पीयूष गक्खड़ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले व आरूषि तलवार मर्डर केस का हवाला दिया। जिसमें इसी प्रकार से डा. नुपुर तलवार व उनकी पत्नी को कोर्ट ने केस में तलब किया था। जिन्हें बाद में केस में सजा भी हुई। उनकी दलीलों के बाद सेशन कोर्ट ने आरोपितों की रिवीजन पिटिशन को खारिज कर दिया।

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