जागरण संवाददाता, रोहतक :

शहर के पटेल नगर में सजायाफ्ता जोगेंद्र उर्फ जुग्गी को हमलावरों ने आठ गोलियां मारी थी। पोस्टमार्टम के दौरान छह गोली उसके सिर से बरामद की गई हैं। जबकि एक गोली कंधे और दूसरी हाथ के पास से निकली हुई है। सिर में इतनी गोली लगने के कारण ही उसकी मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने पुलिस सुरक्षा में शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।

पटेल नगर निवासी जोगेंद्र उर्फ जुग्गी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। जिसने कुछ साल पहले गांधी कैंप के रहने वाले राजेंद्र कपूर उर्फ टिटू की हत्या कर दी थी। फिलहाल वह पैरोल पर आया हुआ था। बृहस्पतिवार शाम के समय घर से थोड़ी ही दूर स्कूटी सवार तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी। इस वारदात में राजेंद्र उर्फ टिटू के बेटे अनिल उर्फ सोनू और रमन समेत कई के खिलाफ आर्य नगर थाने में मामला दर्ज कराया था। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें मृतक के सिर से छह गोलियां बरामद की गई है। कुल मिलाकर आठ गोली मारी गई थी। हालांकि मौके पर करीब 15 राउंड फायरिग हुई थी। तनाव के मद्देनजर वहां दूसरे दिन भी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस उसके परिजनों से बात करेगी, अगर उन्हें सुरक्षा चाहिए तो पुलिस की तरफ से सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल इस वारदात को लेकर मुहल्ले में भी दहशत का माहौल बना हुआ है।

बाप, दादा और दादी की हत्या का लिया बदला

जोगेंद्र उर्फ जुग्गी हत्याकांड में जिन दो आरोपितों के नाम सामने आए हैं वह दोनों भाई अनिल उर्फ सोनू और रमन है। उनके पिता राजेंद्र उर्फ टिटू सुनारा की हत्या करीब 15 साल पहले कर दी गई थी। उसी मामले में जोगेंद्र और सोनू सरदार पर केस दर्ज हुआ था। कुछ साल पहले सोनू सरदार का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था। दरअसल, जोगेंद्र उर्फ जुग्गी और राजेंद्र उर्फ टिटू सुनारा के बीच वर्ष 2003 से रंजिश शुरू हुई थी। दोनों के बीच चौधर को लेकर रंजिश थी। इसी रंजिश के चलते टिटू के पिता रामसिंह और उसकी मां की भी हत्या हो चुकी थी। जोगेंद्र उर्फ जुग्गी की यह पांचवीं हत्या है। जिस तरीके से बेखौफ होकर दिनदहाड़े इस हत्याकांड को अंजाम दिया है वह पुलिस के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है। क्योंकि हमलावर फिलहाल फरार चल रहे हैं और वह किसी भी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीमें

जोगेंद्र उर्फ जुग्गी की हत्या के आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीमों का गठन किया गया है। आर्य नगर थाना पुलिस के अलावा सीआइए की भी तीनों टीमों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। सभी को हिदायत दी गई है कि जल्दी से जल्दी आरोपितों को गिरफ्तार किया जाए।

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दोनों पक्षों के बीच चौधर को लेकर रंजिश शुरू हुई थी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो चुकी है। तनाव के मद्देनजर मृतक के मकान पर पुलिस तैनात कर दी गई है। परिजनों से बात की जाएगी। यदि जरूरत पड़ती है तो पुलिस सुरक्षा भी दी जाएगी।

- गोरखपाल, डीएसपी हेडक्वार्टर।

Posted By: Jagran

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