जागरण संवाददाता, रोहतक :

लाढ़ौत रोड पर स्थित जिस शिक्षण संस्थान में बच्चों ने अपने साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, उस संस्थान में यह मामला एक साल से दबाया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि बच्चों के साथ यह सब एक साल से हो रहा था। इस संबंध में बच्चों ने संस्थान में शिकायत भी की थी लेकिन शिकायत करने पर उल्टा उन्हें ही पीटा गया। अब प्रबंधन की अनदेखी ने ही उनकी फजीहत करा दी है। हालांकि प्रबंधन ने ऐसे आरोपों से साफ इन्कार किया है।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चों को रात में ही उठाकर आरोपित बच्चे बाथरूम में ले जाते थे और उनके साथ गंदा काम किया जाता था। हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं। इसके साथ ही काउंसलर भी नहीं तैनात किया गया है। इस शिक्षण संस्थान में अधिकतर बच्चे आस-पास के दूसरे जिलों के हैं। संस्थान में प्रवेश परीक्षा दिए जाने के बाद ही दाखिला होता है। परिजनों ने बताया कि अभी तक सामने आए छह पीड़ित बच्चों का दाखिला पांचवीं कक्षा से कराया गया था। इसके लिए वह प्रति वर्ष करीब 85 हजार रुपये शुल्क देते हैं। इसमें भी प्रत्येक तीन महीने पर करीब 16 हजार 800 रुपये जमा कराने पड़ते हैं। इसके बाद भी हॉस्टल में न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही काउंसलर नियुक्त किए गए हैं जिसके पास जाकर बच्चे अपनी समस्या कह सकते।

एक साल से हो रहा है गंदा काम, बच्चों ने परिजनों को भी नहीं बताई बात

सदर थाना में शिकायत लेकर पहुंचे परिजनों ने बताया कि यह काम करीब एक साल से ही उनके बच्चे के साथ हो रहा है। लेकिन बच्चों के शिकायत करने पर उन्हें डरा-धमका दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। जिससे बच्चे सहम गए और परिजनों को भी नहीं बताया।

न तो काउंसलर और न ही संस्थान के हॉस्टल में लगे हैं सीसीटीव कैमरे

शिक्षण संस्थान आवासीय है। हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं हैं। ¨प्रसिपल ने बताया कि परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं लेकिन हॉस्टल में यह सुविधा नहीं है। वहीं, कोई सुरक्षाकर्मी भी नहीं तैनात किया गया है।

सदर पुलिस थाना में वीडियो बना कर दर्ज किए बच्चों के बयान

सदर थाना की पुलिस ने थाने में ही सभी छह पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज किए। उनके बयान देते हुए के वीडियो बनाए गए। इसके बाद आरोपित शिक्षण संस्थान प्रबंधन व छात्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसके बाद उनका मेडिकल कराया गया है।

अब जागा प्रबंधन, सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए दिया प्रस्ताव

शिकायत के बाद ही प्रबंधन के कान खड़े हो गए हैं। ¨प्रसिपल ने जल्द ही सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए प्रस्ताव दिए जाने की बात कही है। इसके बाद ही हॉस्टल में भी सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए जाएंगे।

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संस्थान को देंगे नोटिस, एक्सपर्ट काउंसलर से कराएंगे काउंसि¨लग

पीड़ित बच्चों की एक्सपर्ट काउंसलर से काउंसि¨लग कराई जाएगी। इसके साथ ही संस्थान को भी नोटिस दिया जाएगा। यह भी हो सकता है कि और भी घटनाएं हो सकती हैं। सभी बोर्डिंग स्कूलों की विजिट की जाएगी। पीड़ित बच्चें को केस लड़ने के लिए फ्री में वकील भी दिलाएंगे। पुलिस से संपर्क कर मामले में इसका फॉलोअप भी किया जाएगा। संस्थान को किस बोर्ड ने परमिशन दी है, यह भी जांच की जाएगी।

- राज¨सह सांगवान, चेयरमैन, बाल कल्याण समिति, रोहतक।

Posted By: Jagran