17 की उम्र में बाल सुधार गृह से फरार हुआ था गैंगस्टर हिमांशु भाऊ, अब लास वेगास में दबोचा गया; दर्ज हैं 18 मामले
हिमांशु भाऊ, जिसका आपराधिक सफर 15 साल की उम्र में शुरू हुआ, अब लास वेगास में गिरफ्तार हो गया है। ...और पढ़ें

15 साल की उम्र में पुलिस रिकॉर्ड में आया नाम, 17 में बाल सुधार गृह से फरार हुआ हिमांशु भाऊ।
HighLights
15 साल की उम्र में आपराधिक दुनिया में कदम रखा
मार्च 2022 में पांच दिन में तीन हत्याओं का आरोप
जाली पासपोर्ट से विदेश भागा, लास वेगास में गिरफ्तार
जागरण संवाददाता, रोहतक। रिटौली गांव का स्टेडियम। वर्ष 2019। सन्नी रिटौलिया के साथ विवाद और फिर गोली चलने की घटना। उस समय हिमांशु भाऊ की उम्र करीब 17 साल थी।
यह वह दौर था, जब उसका नाम पहली बार गंभीर आपराधिक घटनाक्रम से जुड़ा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर हिसार के बाल सुधार गृह भेजा, लेकिन कुछ समय बाद वह वहां से फरार हो गया। इसके बाद हिमांशु की कहानी में कई घटनाएं जुड़ती चली गईं।
मार्च 2022 में पांच दिन के भीतर हुई तीन हत्याओं ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया। फिर जाली पासपोर्ट के सहारे विदेश जाने का आरोप लगा। रोहतक से झज्जर और दिल्ली तक दर्ज मामलों के बीच उसकी तलाश भारत से बाहर तक पहुंच गई। हिमांशु का नाम हिमांशु सिगरोहा के रूप में भी सामने आया हैं।
पांच दिन में तीन हत्याओं से बढ़ा तनाव
मार्च 2022 में घटनाक्रम ने गंभीर मोड़ लिया। दो मार्च को हिमांशु के चाचा अशोक उर्फ शोकी के बेटे रोहित उर्फ बजरंग की हत्या कर दी गई। इसी घटनाक्रम में आरोपितों को पकड़ने की कोशिश के दौरान राजेंद्र उर्फ माडू की भी हत्या हुई। इसके पांच दिन बाद, सात मार्च को गांव के बस स्टैंड पर बस में हंसराज उर्फ हंसे की हत्या कर दी गई।
लगातार हुई इन वारदातों से इलाके में तनाव बढ़ गया। तीनों हत्याओं को आपसी रंजिश और गुटों के बीच विवाद से जोड़कर देखा गया। इन घटनाओं के बाद हिमांशु से जुड़े आपराधिक मामलों का दायरा भी चर्चा में रहा।
जाली पासपोर्ट से विदेश जाने का आरोप
वर्ष 2022 में हिमांशु पर जाली पासपोर्ट के सहारे भारत छोड़ने का आरोप लगा। बताया गया कि वह पहले पुर्तगाल पहुंचा और फिर अमेरिका चला गया। देश से बाहर होने के बाद भी उसकी तलाश जारी रही। वर्ष 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया। हरियाणा पुलिस ने उस पर डेढ़ लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया।
तीन जिलों में दर्ज थे 18 मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हिमांशु के खिलाफ कुल 18 मामले दर्ज थे। इनमें रोहतक के 10, झज्जर के सात और उत्तरी दिल्ली का एक मामला शामिल था। हत्या, लूट, धोखाधड़ी और रंगदारी जैसे आरोपों में उसका नाम सामने आया। उसका नाम नीरज बवाना और नवीन बाली गिरोह से भी जोड़ा गया।
विदेश तक पहुंची तलाश
हिमांशु की तलाश में हरियाणा एसटीएफ ने अमेरिकी एजेंसियों को जानकारी दी। इसके बाद अमेरिकी एजेंसी आइसीई और उसकी ईआरओ इकाई की मदद से उसे लास वेगास में गिरफ्तार किया गया। इसी कार्रवाई में नीरज फरीदपुरिया की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई।
दोनों को भारत लाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ प्रक्रिया शुरू की गई, हालांकि वापसी की तारीख तय नहीं थी। रिटौली के स्टेडियम में शुरू हुआ विवाद आगे चलकर कई आपराधिक मामलों और विदेश तक पहुंची तलाश से जुड़ गया। अब जांच एजेंसियों के सामने पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ने की चुनौती है।
