हरियाणा में चार दिन और बढ़ी सफाई कर्मियों की हड़ताल, अब 15 अगस्त के बाद होगा फैसला
नगर पालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल चार दिन और बढ़ाकर 15 अगस्त तक कर दी है।
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हरियाणा में चार दिन और बढ़ी सफाई कर्मियों की हड़ताल। फोटो जागरण
HighLights
हड़ताल 15 अगस्त तक बढ़ाई गई, रोहतक में लिया गया फैसला।
सरकार पर 13 मई के समझौते से मुकरने का आरोप।
नियमितीकरण, ठेका प्रथा समाप्त करने जैसी प्रमुख मांगें।
जागरण संवाददाता, रोहतक। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर चल रही हड़ताल को चार दिन और बढ़ाने का फैसला किया है। अब प्रदेशभर के पालिका और फायर कर्मचारी 15 अगस्त तक हड़ताल पर रहेंगे।
मंगलवार को रोहतक के सुखपुरा चौक स्थित कर्मचारी भवन में दोनों संगठनों की संयुक्त राज्य कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के प्रधान राजिंदर सिंद ने की।
बैठक में तय किया गया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कर्मचारी अपने परिवारों के साथ धरना स्थलों पर तिरंगा फहराएंगे। इसके बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, कर्मचारी-मजदूर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा।
आर्थिक सहायता और नियमित रोजगार देने की मांग
गोष्ठी में सफाई और फायर कर्मचारियों की स्थिति, लंबित मांगों और सरकार के रवैये पर चर्चा की जाएगी। इसी दिन आंदोलन को आगे बढ़ाने अथवा नए आंदोलनात्मक कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। फायर कर्मचारियों के नेताओं ने फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता और नियमित रोजगार देने की मांग भी उठाई।
वहीं, एचकेआरएन कर्मचारियों को नियमितीकरण की नीति में शामिल करने और सेवा विस्तार देने की मांग भी लंबित बताई गई। संघ नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने 22 मई को उच्च न्यायालय में दिए गए शपथ पत्र में 13 मई को मानी गई मांगों से अलग रुख अपनाया।
उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि मांगों का ठोस समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में महासचिव मांगे राम तिगरा, गुलशन भारद्वाज, महेंद्र, शिवचरण, सुखदेव सिंह, रिंकू कुमार, अजय श्योराण, अरुण कुमार, सोनू हुड्डा, रमेश पहल, रणबीर और विनोद कुमार सहित राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
13 मई के समझौते को लेकर सरकार पर निशाना
राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि 13 मई को सरकार के साथ हुई वार्ता में कर्मचारियों की 17 मांगों पर सहमति बनी थी और उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद करीब तीन माह बीतने के बाद भी मांगों को लागू करने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बाद में अपने ही आश्वासनों से पीछे हट गई। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त से कर्मचारी संगठन प्रदेश के विधायकों, सांसदों, राजनीतिक दलों के प्रदेश और जिला अध्यक्षों, नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों के पार्षदों, चेयरमैनों और महापौरों से संपर्क करेंगे। उनसे कर्मचारियों की मांगों का समाधान कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाने और आंदोलन का समर्थन करने की अपील की जाएगी।
बड़ी महापंचायत की भी तैयारी
संघ के वरिष्ठ प्रधान रमेश तुषामड़ और अग्निशमन कर्मचारी यूनियन के वरिष्ठ उपप्रधान राजीव खत्री ने कहा कि दलित सामाजिक और धार्मिक संगठनों से भी आंदोलन के समर्थन की अपील की जाएगी।
संघ के नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना, सफाई और सीवर कार्य से ठेका प्रथा समाप्त करना, खाली पदों पर नियमित भर्ती, अग्निशमन विभाग के अनुबंधित ड्राइवरों और फायरमैन को पक्का करना, फायर कर्मचारियों को जोखिम और वर्दी भत्ता देना और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति और मृत्यु पर निर्धारित आर्थिक लाभ देना शामिल है।
