जागरण संवाददाता, रोहतक : जिला परिषद चेयरमैन पर हमले की साजिश कर रहे और पुलिस पर गोली चलाने वाले चार आरोपितों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की कोर्ट में विचाराधीन था, जिसमें आरोपितों के खिलाफ सबूत पेश नहीं कर सके।

मामले के अनुसार, 13 अप्रैल 2017 को सीआइए-1 के एएसआइ विनोद कुमार और एएसआइ मुकेश कच्चा चमारिया रोड पर गश्त कर रहे थे। तभी दो बाइक पर चार युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने रूकने का इशारा किया तो उन्होंने बाइक दौड़ा दी। पुलिस का आरोप था कि बाइक पर पीछे बैठे युवक बोबी ने साथियों के कहने पर पुलिस टीम पर फाय¨रग भी की थी। इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपितों को पकड़ लिया था। पूछताछ में आरोपितों ने अपने नाम सैनिक कॉलोनी निवासी परमजीत, कपिल निवासी भिवानी चुंगी, मंजीत निवासी कुताना और बोबी निवासी मंहगाव जिला भीड़ मध्यप्रदेश बताया था। उस समय पुलिस ने दावा किया था कि पकड़े गए आरोपित जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू पर हमला करने की योजना बना रहे थे। यह मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की कोर्ट में विचाराधीन था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता संदीप सहलठ ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ पुलिस सबूत पेश नहीं कर सकी। पुलिस ने गलत अफवाह फैलाई थी कि वह जिला परिषद चेयरमैन पर हमला करने वाले थे, जबकि चार्जशीट में इसका कोई जिक्र नहीं किया गया। शनिवार को कोर्ट ने चारों आरोपितों को निर्दोष पाते हुए उन्हें बरी कर दिया।

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