जेएनएन, रोहतक। शहर के जाट भवन में राष्ट्रीय काजला खाप का सातवां अधिवेशन हुआ। इसमें सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमें कन्या भ्रूण हत्या करने वालों, दहेज मांगने वालों और दुष्कर्मियों का सामाजिक बहिष्कार करने सहित मृत्युभोज बंद करने जैसे अहम निर्णय शामिल रहे।

राष्ट्रीय संरक्षक धर्मबीर काजला और राष्ट्रीय अध्यक्ष राजमल काजल की अध्यक्षता में हुए अधिवेशन में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब आदि से आए खाप प्रतिनिधि शामिल हुए। अधिवेशन में सबसे पहले पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद कन्या भ्रूण हत्या और दहेज मांगने वालों पर शिकंजा कसने के लिए सामाजिक बहिष्कार करने और जुर्माने का फैसला लिया गया। दुष्कर्मियों पर भी यही कार्रवाई होगी।

इसके अलावा मृत्युभोज बंद कर उसमें खर्च होने वाली राशि का उपयोग पौधरोपण या अन्य सामाजिक कार्यों में लगाया जाएगा। घूंघट प्रथा को लेकर फैसला हुआ कि बहू को इसके लिए दबाव नहीं दिया जाएगा। वहीं शादी रात की बजाय दिन में करने पर सहमती बनी। अधिवेशन के दौरान लिव इन रिलेशनशिप और समलैंगिक विवाह जैसे मुद्दों पर भी मंथन हुआ। कार्यक्रम में खाप की प्रतिभाओं को काजला गौरव से सम्मानित भी किया गया। वहीं खाप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में युवाओं को शामिल करने और नशे के खिलाफ अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

अधिवेशन में राष्ट्रीय महासचिव संदीप काजला, प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप काजला, राष्ट्रीय सचिव राममेहर काजल, प्रमेंद्र काजला, दिल्ली अध्यक्ष राज सिंह, कैप्टन रामपाल, जगदीश काजला, सज्जन काजला, झज्जर जिला परिषद चेयरमैन परमजीत काजल, डॉ. प्रदीप काजल आदि मौजूद रहे।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Kamlesh Bhatt

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप