जागरण संवाददाता, रोहतक :

खेल के क्षेत्र में किस तरह से फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों का खेल चल रहा है। इसकी बानगी रोहतक में सामने आई है। हालांकि पकड़े जाने पर अधिकारियों की ओर से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के आरोपित खिलाड़ी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। शुरुआती स्तर पर यह मुद्दा बहुत गंभीर है। ऐसे फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र वाले ऐसे खिलाड़ियों की वजह से अनेक अच्छे खिलाड़ी भी पिछड़ जाते हैं। दरअसल, रोहतक में पिछले दिनों जोन स्तर के स्कूली खेलों का आयोजन हुआ। जिसके बाद जोन में विजय प्राप्त करने वाले खिलाड़ी जिला स्तरीय मुकाबलों में भाग लेने पहुंचे। सूत्रों की मानें जो जिला स्तर पर हुए कुश्ती मुकाबलों में एक खिलाड़ी ने प्रथम स्थान हासिल किया। लेकिन हारने वाले पक्ष की ओर से खिलाड़ी की आयु को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई और विजेता खिलाड़ी के आयु प्रमाण पत्रों की जांच की मांग शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की गई। अधिकारियों ने जब प्रमाण पत्रों की जांच की तो आयु प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। जिसके बाद खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे बाहर कर दिया गया। इतना ही नहीं अन्य प्रतियोगिताओं में भी खिलाड़ी के प्रमाण पत्रों की विशेष जांच की जाएगी। दिल्ली में बनवाया गया प्रमाण पत्र :

जांच के दौरान सामने आया है कि यह खिलाड़ी महम क्षेत्र का रहने वाला पाया गया है और पूर्वी दिल्ली क्षेत्र से आयु प्रमाण पत्र बनवाया गया है। सूत्रों का कहना है कि खिलाड़ियों के प्रमाण पत्रों की गहराई से जांच करने पर इस तरह के और भी अनेक मामले सामने आ सकते हैं। जिला स्तरीय स्कूल कुश्ती मुकाबलों के दौरान एक खिलाड़ी के प्रमाण पत्रों की जांच किए जाने की शिकायत मिली। जब प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो उनका आयु प्रमाण पत्र फर्जी मिला। जिसके बाद खिलाड़ी को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया।

- रामकंवार, सहायक मौलिक शिक्षा अधिकारी (खेल), रोहतक।

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