जागरण संवाददाता, रोहतक : मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि वे कृषि भूमि से इस माह के अंत तक पानी की निकासी सुनिश्चित करें ताकि अगली फसल की समय पर बिजाई हो सके। जिन गांवों में प्रतिवर्ष वर्षा का जल खेतों में जमा होता है वहां पर स्थाई प्रबंध किए जाएं ताकि भविष्य में जल भराव न हो। अधिकारी दक्षिण हरियाणा के झीलों व जल स्त्रोतों तक जल निकासी के पानी को पहुंचाएं ताकि इसका सदुपयोग हो सके।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल के साथ सभी उपायुक्तों से विभिन्न मुद्दों पर समीक्षा कर रहे थे। जल निकासी के लिए संबंधित क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में हर वर्ष ज्यादा पानी जमा होता है वहां पर कुएं बनवाए जाएं, जिनके रख-रखाव का जिम्मा किसानों का होगा।

उन्होंने खरीद सीजन के दौरान धान व बाजरा की खरीद की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्धारित मापदंडों के अनुसार खरीद की जाए तथा निर्धारित 72 घंटे में फसल का भुगतान किया जाये। उन्होंने प्रदेश में रासायनिक खादों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खाद के साथ दवाई एवं कीटनाशक खरीदने के लिए किसानों को मजबूर करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, नगर निगम के अधिकारियों से सड़कों की मरम्मत की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी 15 नवंबर तक इस कार्य को पूरा किया जाए।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल, रोहतक के उपमंडलाधीश राकेश कुमार सैनी, सांपला की उपमंडलाधीश श्वेता सुहाग, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेश कुमार, नगराधीश ज्योति मित्तल, जिला राजस्व अधिकारी कनब लाकड़ा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अजीत सिंह चहल सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

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