जागरण संवाददाता, रोहतक : हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही महासंघ ने सरकार पर ठेकेदारी और निजीकरण को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया है। मंगलवार को हरियाणा कर्मचारी महासंघ की बैठक में यह चेतावनी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के यूनियन कार्यालय में जिला प्रधान जोगेंद्र बल्हारा की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें उन्होंने कहा कि भाजपा ने सता में आने से पहले जनता से अनेक वायदे किए थे, लेकिन चार साल बीत जाने के बावजूद एक भी वायदा पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कई बार समान काम समान वेतन, पुरानी पेंशन नीति बहाली, केंद्र के समान एचआरए देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेकाप्रथा पर रोक लगाने व निजीकरण को पूर्ण रूप से समाप्त करने के मुद्दों पर वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी सरकार ने एक भी वायदा पूरा नहीं किया। बल्हारा ने चेताया कि अगर सरकार ने समय रहते कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो महासंघ आंदोलन करने पर मजबूर होगा। इस अवसर पर बिजेंद्र गुलिया, सुरेंद्र मकडौली, रामचंद्र मायना, कृष्ण राजपूत, देवीराम, रामनिवास, सुमेर वशिष्ट, सुनील कुंडू, रामचंद्र हुड्डा, कृष्ण बलियाणा, राजपाल कुंडू, राजेंद्र, रणबीर अहलावत, जयभगवान, श्रवण व रोहित आदि मौजूद रहे। ----रक्त पड़े हैं हजारों पद

बल्हारा ने कहा कि रोडवेज जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में हजारों पद रिक्त पड़े है, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई स्थाई भर्तियां नहीं की। जिसे कर्मचारी किसी कीमत पर सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कई मांगों को लेकर सरकार के साथ सहमति बन चुकी है, लेकिन अभी तक किसी भी मांग को लेकर नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है।

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