जागरण संवाददाता, रोहतक : जिस क्षेत्र में जोखिम लेने जा रहे हैं उसके बारे में पूरी जानकारी लें। हर वक्त बिजनेस की सोचने के बजाए खुद पर भी ध्यान दें। आठ घंटे से न कम सोएं, न ही ज्यादा, 45 मिनट व्यायाम और एक घंटा ध्यान के लिए निकालें। पसंदीदा खेल को आदत में शुमार करें। यह कहना है पैथोलॉजिस्ट एवं डा. लाल पैथ लैब्स के चेयरमैन पद्मश्री डा. अरविद लाल का। वह भारतीय प्रबंधन संस्थान आइआइएम (रोहतक) के वार्षिकोत्सव इंफ्यूजन में बतौर की-नोट स्पीकर संबोधित कर रहे थे।

डा. अरविद ने कहा कि काम को भारी-भरकम के बजाए छोटा और आसान बनाएं। किसी क्षेत्र या काम में कामयाबी न मिलना असफलता नहीं बल्कि सीखने की प्रक्रिया है। सफलता के लिए बार-बार प्रयास करते रहें। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बल्ब का अविष्कार करने वाले थॉमस एल्वा एडिसन हजारों बार असफल हुए। ईमानदार प्रयासों के कारण बड़ी खोजे की और महान कहलाए। अच्छे आइडिया पर दोस्तों, सहपाठियों और गुरुजनों के साथ चर्चा करें। परिवार के साथ समय बिताने और जरूरतमंदों की मदद की बात मुख्य वक्ता ने कही। आइआइएम रोहतक के वार्षिकोत्सव इंफ्यूजन की शुरूआत शुक्रवार को हुई। 17 से 19 जनवरी तक चलने वाले कार्यक्रम में पहले दिन पैनल डिस्कशन, फैशन शो व कॉमेडी नाइट मुख्य आकर्षण रहे। इस मौके पर निदेशक प्रो. धीरज शर्मा, प्राध्यापक व विद्यार्थी मौजूद रहे। ---------------- बड़े आइडिया वही जो छोटी समस्याओं का समाधान बताएं : अभिनव कुमार

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- भारत में स्टार्ट अप की संस्कृति को विकसित करने पर किया मंथन

जागरण संवाददाता, रोहतक :

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन काउंसिल की ओर से आयोजित उद्यमिता शिखर सम्मेलन, उड़ान मे Xह्नह्वश्रह्ल;सफल उद्यमी समाजों को देखते हुए भारत के उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई। ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरियल इंडेक्स में भारत की रैंकिग के कारणों पर चर्चा करते हुए पैनलिस्ट ने समाधानों पर प्रकाश डाला। प्राध्यापक अशोक ने डिस्कशन में मॉडरेटर की भूमिका निभाई।

पेटीएम के वाइस प्रेजिडेंट अभिनव कुमार ने कहा कि छोटी समस्याओं के समाधान के लिए आजमाए गए आइडिया ही असल में बड़े होते हैं। बिजनेस आइडिया ऐसे होने चाहिए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों पर प्रभाव पड़े। बोस्टन कंसल्टिग ग्रुप के ग्लोबल फाइनेंस डायरेक्टर पंकज ढींगरा ने सफल उद्यमी बनने के लिए निरंतर सीखते रहने के महत्व पर जोर दिया। लेट्स कप्लाई के संस्थापक राजेश शर्मा ने बताया कि आइडिया बड़ा और अच्छा हो सकता है लेकिन उनपर काम करने का तरीका सही होना बहुत जरूरी है। एसीसीए के इंप्लोयर हैड राहुल पुरी ने कहा कि परामर्श लास वेगास की तरह है, हर कोई वहां जाना चाहता है। लेकिन सफल बनने के लिए सही ²ष्टिकोण की जरूरत है। इससे पहले तीन दिवसीय वाषिकोत्सव का शुभारंभ निदेशक प्रो. धीरज शर्मा व फ‌र्न्स एन पेटल्स के सीइओ पवन गाडिया ने किया। पांच ट्रिलियन इकोनॉमी के सपने को साकार करने के लिए भारतीय स्टार्ट अप इकोसिस्टम की सफलता दर में सुधार कैसे करें विषय पर चर्चा की गई। वेलक्योर डॉट कॉम के संस्थापक और सीइओ सुमित कपूर, एमको के सह संस्थापक स्नेह वासवानी, कैरियर लॉन्चर के सह संस्थापक, भारत रूपरेखा की संस्थापक प्रेरणा मुखर्जी ने विचार रखे।

Posted By: Jagran

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