जागरण संवाददाता, रोहतक

नगर निगम के 74 बेलदारों के लिए दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई हैं। पहले नौकरी जाने का खतरा था। मुश्किल से नौकरी बची तो अब वेतन नहीं मिल रहा है। अब नई चर्चाओं ने बेलदारों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। बताया जा रहा है कि अब सिर्फ 15 दिन का ही वेतन मिलेगा। जबकि अप्रैल और मई का वेतन मिला नहीं। अब जून का ही सिर्फ 15 दिनों का वेतन दिए जाने की बात सामने आ रही है। पूरे प्रकरण में बेलदारों ने नगर पालिका संघ के पदाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

नगर निगम ने लॉकडाउन के दौरान ही बेलदारों को नौकरी से हटाने का फैसला लिया था। वजह मानी जा रही थी कि 31 मार्च के बाद कर्मचारी का कार्यकाल समाप्त हो गया था। नाम न छापने की शर्त पर बेलदारों ने बताया है कि अप्रैल और मई का वेतन पाने के लिए नगर निगम कार्यालय में संपर्क किया था। अभी जून माह चल रहा है। जब पूरे प्रकरण में संपर्क किया गया तो नगर निगम यही बताया गया कि सिर्फ 15 दिन का ही वेतन दिया जाएगा। इससे बेलदारों में हड़कंप मच गया। बेलदारों ने इसके बाद नगर निगम के आयुक्त प्रदीप गोदारा, नगर पालिका कर्मचारी संघ के महासचिव श्रवण बोहत, प्रधान संजय बिड़लान आदि से संपर्क किया है। यह भी मांग की है कि लॉकडाउन के दौरान भी पूरी मेहनत से कार्य किया। फिर भी वेतन की कटौती की जा रही है। वहीं, अगले दो-तीन दिनों के अंदर ही इस प्रकरण में बेलदार न्याय न मिलने पर उच्चाधिकारियों से मिलेंगे। वर्जन

बेलदारों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। पूरे प्रकरण में बेलदारों का पक्ष नगर निगम के आयुक्त प्रदीप गोदारा के समक्ष रखेंगे। हम बेलदारों को पूरा वेतन दिलाएंगे।

श्रवण बोहत, महासचिव, नगर पालिका कर्मचारी संघ

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