मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, रोहतक :

भारतीय प्रबंधन संस्थान, रोहतक में शनिवार को पीपल एनालेटिक्स एंड द राइज ऑफ एचआर विषय पर मैनेजमेंट समिट का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न कंपनियों के अधिकारियों ने वर्तमान समय में डेटा एनालेटिक्स व आर्टिफिशल इंटेलीजेंश के विकास से ह्यूमन रिर्सोस मैनेजमेंट के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों पर चर्चा की। समिट में देशभर के शीर्ष संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आइआइएम रोहतक के डायरेक्टर प्रोफेसर धीरज शर्मा ने वर्तमान पीढ़ी के समक्ष एचआर मैनेजमेंट के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा क्वांटेटिव डाटा व क्वालिटेटिव डाटा के विश्लेषण में महारत हासिल करना सबसे मुश्किल काम है। डेटा एनालेटिक्स की मदद से एचआर मैनेजमेंट में मदद मिल सकती है।

एल एंड टी के टैलेंट एक्वीजिशन हेड बिक्रम नायक ने संस्थान की तारीफ करते हुए कहा कि आइआइएम रोहतक ने थोड़े ही समय में विकास यात्रा पर जोर पकड़ ली है। उन्होंने एचआर की विकास यात्रा पर वक्तव्य दिया। बीबा अपैरल के सीएचआरओ विवेक त्रिपाठी ने वर्कफॉर्स एनालेटिक्स, सक्सेशन प्लानिग, मेजरेबल बिहेवियर व अन्य मानदंड़ों के जरिए वर्कप्लेस पर सर्वश्रेष्ठ कार्य करने के बारे में बताया। हीरो मॉटोकॉर्प के हेड एचआर धर्म रक्षित ने बताया कि एचआर डेटा बेस्ड डिसिजन से एनालेटिक बेस्ड डिसिजन की तरफ बढ़ गया है। एचआर की भूमिका भी इंर्फोमेशन रिसिवर से इंर्फोमेंशन प्रोवाइडर हो चुकी है। डीएफएचएल के सीपीओ राजेंद्र महता ने कहा कि कुछ ही संगठन डेटा एनालेटिक्स का सही से प्रयोग कर पाए हैं। उन्होंने बताया कि डेटा एनालेटिक्स अभी सही से स्थापित नहीं हो पाया है। इस मौके पर एमेरसन ग्रुप इंडिया के एचआर ग्रुप के डायरेक्टर अनिरुद्ध खेकाले, अंकुश अरोड़ा, अमित शर्मा, समीर माथुर व अन्य मौजूद रहे। -----------केएस मोबिन

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप