जागरण संवाददाता, रोहतक: सिचाई विभाग की लापरवाही से आमजन के लिए परेशानी हो रही है। सिचाई विभाग की भालौठ नहर में गंदगी के अंबार हैं और अधिकारी सफाई नहीं करा रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जो पानी जलघरों में पीने के लिए पहुंचता है वह इतना गंदगी के बीच से आता है। इस प्रकरण में अधिकारियों तक कुछ लोगों ने शिकायत की है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि शनिवार को टीम लगाकर सफाई का कार्य का कार्य कराया जाएगा।

समाजसेवी सुंदर जेटली ने दावा किया है कि हम दिल्ली रोड पर शुक्रवार को गए थे। यहां ओवरब्रिज के नीचे नहरी पानी में गंदगी होने की जानकारी मिली तो अधिकारियों से शिकायत करने के लिए साक्ष्य जुटाए। इन्होंने बताया कि अधिकारियों को हमारी शिकायत पर विश्वास हो न हो इसलिए वीडियो बना ली। यहां ओवरब्रिज के निकट क्रासिग पर एक किमी तक गंदगी है। मृत पशु भी यहां पड़े हुए थे, जोकि पानी में बहकर आए हुए हैं। इन्होंने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश यदि आमजन पर लागू होते हैं तो सिचाई विभाग पर भी सफाई न कराने पर जुर्माने का नियम तय हो।

लोगों की घोर लापरवाही भी सामने आई

समाजसेवी सुंदर ने बताया कि मृत पशु तो नहर में हो सकता है बहकर आ गया है। मगर नहर में प्लास्टिक डिस्पोजल के अवशेष, थर्माकोल के टुकड़े, मूर्ति, चित्र, पूजा सामग्री के अलावा घरेलू सामग्री, कपड़े, प्लास्टिक, पालीथिन तक गंदगी के साथ थे। इन्होंने बताया कि सिचाई विभाग से ज्यादा लोग भी जिम्मेदार हैं। क्योंकि नहर में या फिर नहरों के निकट यह सामग्री डाली होगी। इसलिए यहां इतनी गंदगी जमा। प्रशासन के आदेशों का हवाला दिया है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती और प्रशासन के कई प्रतिबंध के बावजूद भी नहरों में मलबा विसर्जन हो रहा है। प्रशासन से मांग की है कि आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाए। जिससे शुद्ध पानी मिल सके।

हमारे संज्ञान में मामला आ गया है

हमारे संज्ञान में मामला आ गया है। हमारी यही कोशिश रहेगी कि शनिवार को टीम लगाकर सफाई का कार्य कराएं। हमारी आमजन से भी अपील है कि नहरों में कोई भी वस्तु व सामग्री न डालें। श्रद्धा अपनी जगह है, लेकिन नहरी पानी को दूषित करना मेरी राय में ठीक नहीं है।

राम निवास, एक्सईएन, सिचाई विभाग भालौठ सब ब्रांच

Edited By: Jagran