रोहतक, जेएनएन। पति अपनी पत्‍नी के साथ घिनौनी हरकत करता था। वह उस पर दिल दहला देने वाला अत्‍याचार करता था और उसके प्राइपेट पार्ट को जलतीे सिगरेट से दाग देता था। पत्‍नी ने पुलिस में पुलिस में शिकायत दी तो गिरफ्तारी के डर से पति ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दी। इस पर कोर्ट ने प‍ति को राहत देने से इन्‍कार कर दिया और कहा कि पत्‍नी कोई घरेलू वस्तु नहीं, जिसे जैसे चाहे इस्तेमाल कर लिया जाए।

अदालत ने कहा कि पत्‍नी के साथ घिनौनी हरकत करने वाले व्यक्ति चाहे उसका पति ही क्यों न हो, को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की अदालत ने ऐसे ही एक मामले में जमानत अर्जी को खारिज किया है। साथ ही, सरकार को सुझाव भी दिया है कि बेडरूम में पत्नी के साथ किए गए यौन अत्याचार को लेकर सख्त कानून बनाना चाहिए ताकि इस तरह के मामलों पर अंकुश लग सके।

पत्नी ने पति के खिलाफ उत्पीड़न और मारपीट की दर्ज कराई थी शिकायत

शिवाजी कालोनी थाना क्षेत्र की एक महिला ने 10 अप्रैल 2019 को अपने पति के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ केस दर्ज किया। पत्‍नी का आरोप है कि पति उसके साथ अमानवीय हरकत और अत्‍याचार करता था। वह उसके प्राइवेट पाट्र्र्स को सिगरेट से दागा था और बेहद घिनौनी हरकत करता था। इससे परेशान होकर उसे (पत्‍नी) को घर छोडऩा पड़ा। पत्‍नी करीब नौ वर्षों से अकेले रहने पर मजबूर है। 

पीडि़ता की कहानी सुन न्यायाधीश ने रद की अग्रिम जमानत याचिका

पत्‍नी द्वारा पुलिस में शिकायत देने के बाद पति को गिरफ्तारी का डर हुआ। पुलिस की गिरफ्तारी के बचने के लिए उसने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर दी। न्यायाधीश आरपी गोयल ने इस पर सुनवाई करते हुए आरोपित की याचिका को खारिज कर दिया। उन्‍होंने कहा कि जो लोग पत्‍नी को घरेलू वस्तु समझते हैं, ऐसे लोगों को रियायत नहीं मिलनी चाहिए। न्यायाधीश ने सुझाव भी दिया है कि बेडरूम में महिला के साथ होने वाली घिनौनी हरकत के लिए अलग से कानून बनाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को होने से रोका जा सके।

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Posted By: Sunil Kumar Jha