जागरण संवाददाता, रोहतक : चावला कालोनी के दीक्षांत अरोड़ा ने कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद शनिवार को पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस पीजीआइएमएस में प्लाज्मा दान किया। चिकित्सकों ने दानकर्ता का तालियां बजाकर स्वागत किया।

गौरतलब है कि चिकित्सकों ने कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले 25 मरीजों से संपर्क किया था। दीक्षांत ने बताया कि वह दिल्ली में नौकरी करता था और मई में कोरोना संक्रमित हो गया था। पीजीआइ के चिकित्सकों की वजह से उसे नया जीवनदान मिला है। चिकित्सकों ने उनसे संपर्क किया था। प्लाज्मा दान करने के लिए मां-बाप ने उसे प्रेरित करके पीजीआइ में प्लाज्मा दान करने के लिए भेजा है। प्लाज्मा दान करके काफी अच्छा महसूस हो रहा है और वह शरीर में काफी स्फूर्ति महसूस कर रहा है। उन्होंने ठीक हो चुके मरीजों को स्वयं पीजीआइ के ब्लड बैंक में आकर प्लाज्मा दान करने का आह्वान किया है।

ठीक हुए चार सप्ताह होने पर मरीज दान कर सकता है प्लाज्मा : डा. ध्रुव

पीजीआइ के कोविड-19 ट्रीटमेंट सेंटर के स्टेट नोडल अधिकारी डा. ध्रुव चौधरी ने कहा कि जो व्यक्ति कोरोना को मात दे चुका है, उसे प्लाज्मा दान कर दूसरे व्यक्ति के जीवन को बचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को ठीक हुए चार सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है, वह अपना प्लाज्मा दान कर सकता है।

इन चिकित्सकों ने किया धन्यवाद

वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से डा. वीके कत्याल, डा. मंजूनाथ, डा. सुधीर अत्री, डा. प्रशांत, डा. पवन, डा. दीपक जैन, डा. संदीप गोयल आदि ने ताली बजाकर दीक्षांत का धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर ब्लड बैंक विभागाध्यक्ष डा. गजेंद्र, डा. मंजूनाथ, डा. पवन, अशोक, प्रवीण, राजेश आदि उपस्थित थे।

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