अरुण शर्मा, रोहतक

गांधी कैंप स्थित मातूराम कम्युनिटी सेंटर परिसर में 30 मीटर ऊंचा तिरंगा लगाने पर असमंजस की स्थिति बन गई है। तिरंगा लगाने के लिए जिस ठेकेदार को कार्य सौंपा था उसकी अर्नेस्ट मनी डिपोजिट (ईएमडी) वापस लौटा दी है। टेंडर भी रद कर दिया है। फिलहाल तिरंगा लगाने पर कोई फैसला नहीं हो सका है। नगर निगम अफसरों ने पूरे प्रकरण में कोर्ट में मामला होने और स्टे होने का दावा किया है। दूसरी ओर, पूर्व राज्यसभा सदस्य शादीलाल बतरा ने तिरंगा लगवाने के लिए 11 लाख रुपये का बजट दिया था।

कम्युनिटी सेंटर परिसर स्थित शहीद मदनलाल धींगड़ा की प्रतिमा के निकट ही तिरंगा लगाने का कार्य पूरा होना था। मुंबई से बेहद हल्का तिरंगा लगाने के लिए आर्डर भी दिया गया था। जबकि लोहे का 30 मीटर ऊंचा विशेष तरह का पोल रोहतक में ही तैयार होना था। फरवरी 2018 में टेंडर हुआ था। सिर्फ 25-30 दिनों के अंदर ही तिरंगा लगाने का कार्य पूरा करना था। अब करीब 11 माह बाद धरोहर राशि वापस लौटाई गई है। नियमित समय पर काम शुरू नहीं हुआ तो संबंधित ठेकेदार ने धरोहर राशि यानि अर्नेस्ट मनी डिपोजिट वापस मांग ली थी। सीएम ¨वडो पर भी शिकायत कर दी थी। संसदीय समिति में शिकायत, जल्द जांच का दावा

पूरे प्रकरण में पूर्व राज्यसभा सदस्य शादीलाल बतरा ने संसदीय समिति से शिकायत करने का दावा किया है। यह भी दावा किया है कि जल्द ही इस प्रकरण में जांच होगी। जांच में स्पष्ट हो जाएगा कि स्टे है कि नहीं और तिरंगा लगाने में क्या अड़चन रही। इनका कहना है कि जांच के लिए दोबारा से पत्र भेजा जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग से मांगी गई थी कानूनी सलाह

सूत्रों का कहना है कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग से कानूनी सलाह मांगी गई थी। इस प्रकरण में दोबारा से फाइल खुलने से तिरंगा लगाने की उम्मीदें लग रहीं थीं। अब स्पष्ट नहीं हो सका है कि तिरंगा लगाने का कार्य होगा कि नहीं। सूत्र दावा करते हैं कि कुछ माह पहले इसी प्रकरण में कुछ निगम कर्मियों को भी चेतावनी जारी हुई थी। इसी के बाद कानूनी सलाह ली गई थी। जानकार यह भी बता रहें कि राजनीतिक मामला होने के कारण अधिकारी हाथ नहीं डाल रहे हैं। भाजपा-कांग्रेस की लड़ाई में फंसा तिरंगा लगाने का कार्य

शहीद मदनलाल धींगड़ा की प्रतिमा पर 2017 में पुष्प अर्पित करने के प्रकरण में भाजपा के पूर्व पार्षद अशोक खुराना पर नगर निगम प्रशासन ने केस दर्ज कराया था। पूर्व पार्षद खुराना पर प्रतिमा का अनावरण करने का आरोप लगा था। जब पूर्व राज्यसभा सदस्य ने तिरंगा लगाने का फैसला लिया तो खुराना विरोध में आ गए। खुराना ने चेतावनी दी थी कि तिरंगा कांग्रेस के दबाव में लगाया गया तो मैं भी निगम अधिकारियों पर केस दर्ज कराऊंगा। तभी से मामला अधर में लटका हुआ है। मैंने संसदीय समिति में दो बार शिकायत की है। जिसमें यही कहा गया है कि जल्द ही जांच होगी। जांच में स्पष्ट हो जाएगा कि स्टे है कि नहीं। लेकिन जो भी जिम्मेदार अधिकारी होंगे, उनके खिलाफ हर हाल में कार्रवाई कराऊंगा।

शादीलाल बतरा, पूर्व राज्यसभा सदस्य

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कोर्ट में मामला होने के कारण मैं इस प्रकरण में कुछ भी कमेंट नहीं कर सकता हूं।

आरएस वर्मा, आयुक्त, नगर निगम

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तिरंगा लगाने में क्या अड़चन रही, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। मैंने तो धरोहर राशि वापस लौटाने के लिए अफसरों से कहा था। अब धरोहर राशि मेरे खाते में आ चुकी है। टेंडर भी रद किया गया है। अब काम होगा कि नहीं मुझे जानकारी नहीं है।

मोहन, ठेकेदार, नगर निगम

Posted By: Jagran

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