जागरण संवाददाता, रोहतक :

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनिय¨रग एंड टेक्नोलॉजी (यूआइईटी) में बायोटेक्नोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के लैब का ताला तोड़कर लाखों का सामान और केमिकल बाहर निकालने के मामले की जांच पुरानी कमेटी को ही सौंप दी गई है। पहले हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर विवि प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाया पाया है। पुलिस को भी एफआइआर दर्ज करने के लिए विवि की तरफ से शिकायत भेजी गई है। इसके अलावा भी चार से पांच मामलों में कमेटियां जांच कर चुकी है।

28 अगस्त को असिस्टेंट प्रोफेसर डा. विजय दांगी पर लैब का ताला तोड़कर लाखों रुपये के केमिकल व अन्य सामान बाहर निकाल लिया था। दूसरे दिन फिर से बाहरी दो श्रमिकों को बुलाकर लैब से सामान निकाला गया। विवि के सुरक्षा कर्मी व स्टाफ उस वक्त मौजूद था। लेकिन किसी ने भी रोकने का प्रयास नहीं किया। इस मामले को लेकर 30 अगस्त को यूआइईटी में विभागीय बैठक हुई, जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के अलावा कुलपति से उचित कार्रवाई करवाने का निर्णय लिया है। कुलपति प्रो. बीके पूनिया ने एक कमेटी गठित की। लेकिन सूत्रों का कहना है कि जो कमेटी गठित की गई थी, उसके चेयरमैन ने जांच करने से इन्कार कर दिया है। विवि प्रशासन ने कई मामलों पहले से ही जांच कर रही कमेटी को ही यह मामला भेज दिया है। विवि की कार्यकारी परिषद में कमेटी रिपोर्ट प्रस्तुत कर चुकी है।

यह था मामला

यूआइईटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. वीरभान ने बताया कि डिपॉर्टमेंट आफ साइंड एंड टेक्नोलॉजी से 11 लाख रुपये का प्रोजेक्ट मिला था। इस प्रोजेक्ट पर रिसर्च चल रही है। कुछ दिन पहले ही 4-5 लाख रुपये के केमिकल खरीदकर लैब में रखे थे। विगत बुधवार व बृहस्पतिवार को विभाग की ही महिला असिस्टेंट प्रोफेसर डा. विजय दांगी लैब का ताला तोड़कर केमिकल सहित अन्य सामान ले गई। उन्होंने इसकी सूचना यूआइईटी के निदेशक प्रो. राहुल ऋषि, कुलसचिव कार्यालय में फोन से दी। लिखित में कुलपित को भी इस बारे में शिकायत भी भेज दी थी। डा. वीरभान ने बताया कि डा. विजय दांगी ने दो दिन पहले जातिसूचक शब्द बोलते हुए उसे धमकी भी दी थी। इसके बाद विभागीय बैठक हुई, जिसमें एफआइआर दर्ज कराने का निर्णय लिया।

इन मामलों में भी गठित हो चुकी है कमेटियां

- आवासीय फ्लैट के आबंटन का मामला

- असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ मारपीट का मामला

- भूगोल विभाग की प्रोफेसर को जान से मारने की धमकी

- यूआइइटी के निदेशक की गाड़ी को टक्कर मारने और कार्यालय में हंगामा करने का मामला असिस्टेंट प्रोफेसर को रिश्तेदारों के साथ भेजा घर

विवि प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर डा. विजय दांगी को रिश्तेदारों के साथ घर भेज दिया है। बताया जाता है कि एक मामले की जांच कर चुकी कमेटी ने भी उसकी मेडिकल जांच करवाने की सिफारिश की थी। पुलिस में भी एफआइआर दर्ज करने के लिए विवि की तरफ से शिकायत भेजी गई थी। लेकिन पुलिस ने विवि द्वारा आंतरिक कमेटी गठित करके पहले जांच करवाने की बात कही है। ताकि उसकी रिपोर्ट में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा सके। वर्जन

लैब में तोड़फोड़ व सामान बाहर निकालने के मामले में पहले से जांच कर रही कमेटी को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही पुलिस में भी एफआइआर दर्ज करने के लिए शिकायती पत्र भेजा गया है।

जितेंद्र भारद्वाज, कुलसचिव, एमडीयू, रोहतक

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