जागरण संवाददाता, रोहतक : शहर में पार्किंग संचालन का मामला पटरी पर नहीं उतर रहा। दो बार नियम-शर्तें बदलने के बाद भी पार्किंग संचालन के लिए ज्यादा एजेंसियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। यही कारण रहा कि वीरवार को भी पांच पार्किंग और एक रेस्टोरेंट संचालन के लिए टेंडर नहीं खोले जा सके। वजह रही कि महज तीन ही एजेंसी सामने आईं। इसलिए

शुक्रवार को उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अब पार्किंग संचालन प्रकरण में आगामी फैसला उच्चाधिकारी ही लेंगे।

वीरवार की शाम तीन बजे टेंडर खोलने का समय निर्धारित किया था। नगर निगम के सूत्रों का कहना है कि भिवानी स्टैंड स्थित अग्रसेन पार्किंग के लिए दो ही एजेंसी आई हैं। यहां रेस्टोरेंट का भी संचालन होना है। इसी तरह से मेडिकल मोड पर पीजीआइ की जमीन को साफ कराकर यहां अस्थाई पार्किंग का संचालन होना है। इस पार्किंग के संचालन के लिए भी महज एक ही एजेंसी आई है। इसी तरह से सोनीपत स्टैंड के निकट नगर निगम की जमीन, अशोका चौक पर पर्यटन विभाग की जमीन और दिल्ली गेट पर शहीद भगत सिंह पार्किंग के लिए भी कोई एजेंसी नहीं आई। इसी कारण टेंडर फाइनल नहीं किए गए।

पार्किंग व रेस्टोरेंट के लिए इस तरह से बदले नियम

भिवानी स्टैंड पार्किंग संचालन के लिए आठ अप्रैल को हुई हाउस की बैठक के दौरान तय किया गया था कि किसी पूर्व सैनिक को जिम्मा सौंपा जाए। कोई पूर्व सैनिक सामने आया नहीं। इसलिए नियमों को आठ जुलाई को दोबारा से बदला गया। अब पार्किंग के संचालन के लिए सेना में पांच साल सेवा करने वाली किसी भी महिला और रेस्टोरेंट के लिए किसी भी महिला को जिम्मा सौंपने का फैसला हो हुआ था। वहीं, दूसरी अस्थाई पार्किंग संचालन के नियम भी सरल किए थे फिर भी राहत नहीं मिली। किला रोड की पार्किंग का टेंडर करना साबित हुआ महंगा

व्यापारियों में इस बात की चर्चा है कि किला रोड की पार्किंग के संचालन का टेंडर रद करना मुसीबत साबित हो रहा है। दरअसल, जिस एजेंसी ने पार्किंग संचालन का काम शुरू किया था शिकायत के बाद एक अप्रैल को टेंडर रद कर दिया था। नगर निगम की सबसे बड़ी भूल बताते हुए व्यापारियों में चर्चा है कि किसी करीबी को पार्किंग का टेंडर दिलाने के लिए काम बंद करा दिया। दो बार पार्किंग संचालन हो गया। फिर से मामला पटरी से उतर गया। अब किला रोड के व्यापारी परेशान हैं। नो पार्किंग जोन से वाहन खींचने का काम हुआ शुरू

नगर निगम ने जून माह में नो पार्किंग जोन से वाहन खींचने का टेंडर किया था। एक अगस्त से नो पार्किंग जोन में खड़े होने वाले चार पहिया वाहन खींचने का कार्य होना था। हालांकि कुछ दिन देरी से ही सही अब काम शुरू हो गया है। वीरवार को कुछ वाहन क्रेन से उठाए गए। ट्रैफिक पुलिस को नए टेंडर की जानकारी नहीं थी। इसलिए क्रेन से वाहन खींचने वाले कर्मचारियों को टोका। कर्मचारियों ने नए टेंडर की जानकारी दी। अब ट्रैफिक पुलिस शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय से नए टेंडर के दस्तावेज लेगी। जिससे क्रेन से वाहन उठाने वाली एजेंसी और उनके कर्मचारियों की सही जानकारी मिल सके।

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कम एजेंसी आने के कारण टेंडर नहीं किए गए। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट देंगे। अब अधिकारी ही आखिरी फैसला करेंगे।

सुरेंद्र गोयल, भूमि अधिकारी, नगर निगम

Edited By: Jagran