जागरण संवाददाता, रोहतक : पूर्व जिला पार्षद के पति व प्रॉपर्टी डीलर को हनीट्रैप में फंसाकर रुपये वसूलने के मामले में सीआइए-1 ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपित महिलाओं से पूछताछ की जा रही है। मामले में कई पुलिसकर्मियों पर भी आरोप लगे थे, जिन पर जांच जारी है। यह था मामला

पिछले साल मकड़ौली खुर्द की रहने वाली पूर्व जिला पार्षद ने राज्य महिला आयोग को शिकायत की थी। इसमें बताया कि उसके पति बिजेंद्र सिंह प्रोपर्टी डीलिग का काम करते हैं। प्रोपर्टी डीलर के पास अनजान नंबर से महिलाओं के फोन आ रहे हैं, जो अश्लील बातें करती है। 21 अक्तूबर को किसी महिला ने फोन किया कि प्लाट लेना है और वह कार्यालय पर आ गई। प्रोपर्टी डीलर ने उसे प्लाट दिखाकर वापस भेज दिया। इसके बाद महिला ने न्यू बस स्टैंड पुलिस चौकी में शिकायत दे दी कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। पूरे प्रकरण में दो पुलिसकर्मियों ने राजीनामा कर समझौता का दबाव बनाया। पुलिसकर्मी और महिला ने मिलकर उससे साढ़े तीन लाख रुपये ले लिए और लिखित में दे दिया कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहती। मामले का पता चलते ही प्रोपर्टी डीलर ने एसपी से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। राज्य महिला आयोग तक मामला पहुंचने के बाद एसआइटी का गठन किया गया था। एसआइटी ने की थी जांच, तब मिली दोषी

पूरे प्रकरण को लेकर एसआइटी का गठन किया गया था, जिसमें दोनों महिलाओं को दोषी बताया गया। इसके बाद सीआइए-1 ने कार्रवाई करते हुए शनिवार आरोपित दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। सीआइए-1 प्रभारी बिजेंद्र भंडारी ने बताया कि महिलाओं से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में सामने आया है कि महिलाओं ने प्रोपर्टी डीलर को हनीट्रैप के मामले में फंसाया था। इसमें किसी और व्यक्ति की भूमिका है या फिर नहीं, इसके लिए महिलाओं से पूछताछ की जाएगी। फर्जी नाम से की थी शिकायत

हैरानी की बात यह है कि जिस महिला ने दुष्कर्म की शिकायत की थी वह फर्जी नाम से की थी। बाद में फंसता देख उसने अपना असली नाम-पता प्रॉपर्टी डीलर के सामने बताया। साथ ही यह भी बताया कि एक दूसरी महिला के कहने पर वह प्रोपर्टी डीलर को फंसाना चाहती थी।

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