जागरण संवाददाता, रोहतक : शहर में हुए दोहरे हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपित मोहनदास को पकड़ने के लिए पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी, लेकिन एक लाख के इनाम मोहनदास ने दोपहर बाद एसपी ऑफिस पहुंचकर सरेंडर कर दिया। आरोपित अपने परिवार के लोगों के साथ वहां पहुंचा और बोला कि साहब मुझे गिरफ्तार कर लो। हालांकि इस दौरान उसने खुद को निर्दोष भी बताया। एसपी के निर्देश पर सीआइए-1 की टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

यह था मामला

मूलरूप से गद्दीखेड़ी गांव की रहने वाली ममता ने ¨सहपुरा गांव निवासी सोमी उर्फ सोमबीर के साथ प्रेम विवाह कर लिया था। नाबालिग को बालिग दिखाकर फर्जी दस्तावेज के मामले में सोमी और उसका पिता जयराज जेल में बंद है। जबकि ममता को करनाल नारी निकेतन भेज दिया गया था। आठ अगस्त को रोहतक कोर्ट में गवाही देकर लौटते समय ममता और उसे बचाने का प्रयास कर रहे एसआइ नरेंद्र की हत्या कर दी थी। इस मामले में ममता का जन्म देने वाले और परवरिश करने वाले चारों मां-बाप जेल में बंद है। वहीं हत्याकांड को अंजाम देने वाला मोहित उर्फ मंगलू, परमीत उर्फ ¨प्रस और प्रशांत निवासी मेरठ को पिछले सप्ताह मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं एक लाख का इनाम गद्दीखेड़ी निवासी मोहनदास तभी से फरार चल रहा था।

आरोपित को पकड़ने के लिए चल रही थी ताबड़तोड़ दबिश, नहीं रख रहा था फोन

दोहरे हत्याकांड के बाद जैसे ही मोहनदास का नाम इसमें सामने आया पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। पुलिस तभी से आरोपित को पकड़ने के लिए दबिश दे रही थी। इसके लिए अलग से तीन टीमें भी बनाई गई थी, लेकिन आरोपित मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था। इस कारण वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। सोमवार दोपहर बाद वह एसपी जश्नदीप ¨सह रंधावा के कार्यालय में पहुंचा। आरोपित ने वहां पर पहुंचकर कहा कि साहब मुझे गिरफ्तार कर लो। हालांकि इस दौरान उसने बताया कि हत्याकांड में उसे गलत फंसाया जा रहा है। हत्याकांड से उसका कोई लेना-देना नहीं हैं। एसपी ने आरोपित से कुछ देर अकेले में बातचीत की। इसके बाद सीआइए-1 की टीम को मौके पर बुलाकर आरोपित को उनके हवाले कर दिया गया। जिसे अब रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।

पुलिस जांच में यह थी मोहनदास की भूमिका

पुलिस की जांच में सामने आया था कि हत्याकांड के समय बाइक पर ममता का मौसेरा भाई मोहित और शूटर ¨प्रस थे। जबकि उनके पीछे कार में दूसरे साथियों के साथ मोहनदास भी था। उनकी प्ला¨नग थी कि यदि मोहित और ¨प्रस गोली नहीं मार पाते तो पीछे से आकर वह ममता को मौत के घाट उतार देंगे। जांच में यह भी सामने आया था कि मोहनदास और मोहित के बीच अच्छी दोस्ती है। ममता के प्रेम विवाह से नाराज मोहित ने उसके सामने बेइज्जती होने की बात कही, जिसके बाद मोहनदास ने दोस्ती के नाते उसका साथ दिया था। हत्याकांड के बाद सभी लोग गद्दीखेड़ी गांव में भी गए थे। वहां पर कुछ देर रूकने के बाद सभी यूपी में चले गए। जाते समय बाकी आरोपितों ने मोहनदास को दिल्ली में छोड़ दिया था। इसके बाद से उनका भी कोई संपर्क मोहनदास से नहीं हुआ।

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मोहनदास ने दोपहर बाद कार्यालय में आकर सरेंडर किया है। उसे सीआइए-1 के हवाले कर दिया गया है। आरोपित को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद अलावा आरापितों को भी प्रोडेक्शन वारंट पर लिया गया है।

- जश्नदीप ¨सह रंधावा, एसपी रोहतक।

Posted By: Jagran