जागरण संवाददाता, रोहतक : रेलवे एलिवेटेड रोड का मामला एक बार फिर से गर्मा गया है। करीब आठ दिन पहले प्रशासन को स्थानीय लोगों ने अल्टीमेटम दिया था। जिसमें चेतावनी दी गई थी कि प्रशासन ने सात दिन के अंदर डबल फाटक पर फाटक का निर्माण नहीं कराया तो पांच कॉलोनियों के लोग भूख हड़ताल करेंगे। अल्टीमेटम शुक्रवार को खत्म हो गया, लेकिन लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो सका। यही कारण रहा कि स्थानीय लोगों ने शनिवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। चेतावनी दी है कि जब तक पांच कालोनी वालों के लिए सही रास्ता नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

स्थानीय लोगों की मांग की है कि डबल फाटक पर ही एलिवेटेड रोड के निर्माण के साथ ही फाटक निर्मित कराया जाए। अभी तक जिस स्थान पर फाटक प्रस्तावित है, उसकी डबल फाटक से करीब 500 मीटर दूरी है। इससे स्थानीय लोगों के आवागमन को लेकर भविष्य में परेशानी होगी। अभी जिस स्थान पर फाटक है, वह संकरा रास्ता है। इससे हादसे होते हैं। डबल फाटक पुल के नीचे ही फाटक का निर्माण करने की मांग की है। इसके साथ ही सरकुलर रोड से जोड़ने की भी मांग की जा रही है। इस दौरान जन कल्याण वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान जयपाल वर्मा, राकेश लाल, मोहित खन्ना, परमजीत पम्मी, अतुल शर्मा, विकास बड़क, बीर ¨सह, डा. वीरेंद्र ¨सह सिवाच, बबलू, दीपक धनखड़, विमला बड़क, ¨रकू ढल, ज्योति सानी आदि मौजूद रहे। यह है मामला : विरोध नहीं, सिर्फ लोग चाहते हैं समाधान

रोहतक-पानीपत-गोहाना रेलवे लाइन पर करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। संबंधित निर्माण कार्य में डबल फाटक से थोड़ी दूरी पर रास्ता देने के लिए फाटक बनाने का प्रावधान बताया जा रहा है। हालांकि लोग चाहते हैं कि पांच कालोनियों के आवागमन के लिए डबल फाटक वाला ही मुख्य रास्ता है। इसलिए संबंधित स्थान पर ही रास्ता दिया जाए। स्थानीय लोगों का दावा है कि एलिवेटेड रोड के निर्माण का विरोध नहीं, सिर्फ समाधान चाहते हैं। पांच कॉलोनियों के लोगों ने शुरू की भूख हड़ताल

शनिवार से गीता कालोनी, श्रीनगर कालोनी, न्यू चिन्योट कालोनी, चावला कालोनी, एकता कालोनी आदि कॉलोनियों के लोगों ने जन कल्याण वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान जयपाल वर्मा के नेतृत्व में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। भूख हड़ताल पर पहले दिन मोहित खन्ना, अतुल शर्मा, महेंद्र मारवाड़ी, हवा ¨सह मेहरा, ओम प्रकाश सिरोहा, कृष्णा बड़क व विमला बड़क आदि बैठे। भूख हड़ताल पर बैठने वालों का दावा है कि समाधान के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। लोगों ने कहा, समाधान नहीं तो मतदान को लेकर करेंगे फैसला

संघर्ष समिति के प्रधान जयपाल वर्मा कहते हैं कि प्रशासन ने समाधान नहीं निकाला तो हम सोचने पर विवश होंगे कि मतदान करना है कि नहीं। इसका फैसला भी जल्द लिया जाएगा। चेतावनी दी है कि प्रशासन समाधान नहीं करेगा तो हम मतदान का विरोध कर सकते हैं। जो पार्टियां हमारा साथ नहीं देंगी, उनका भी बहिष्कार किया जाएगा। सीएम के आश्वासन पर नहीं हुआ अमल

जन कल्याण वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान जयपाल वर्मा के मुताबिक, मई-जून माह में मुख्यमंत्री मनोहरलाल और सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर मौके पर आए थे। उस दौरान मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि रास्ता स्थानीय लोगों के मुताबिक ही दिया जाएगा। स्थानीय लोगों में इस बात से नाराजगी है कि अभी तक योजना पर अमल नहीं हुआ। गांधी कैंप वाले बोले, समाधान नहीं, रात को नहीं आती नींद

गांधी कैंप के करीब 70 लोगों के घर, दुकान, मकान, प्लॉट रेलवे की हद में आ रहे हैं। रेलवे की हद में आने से लोगों की नींद उड़ी हुई है। सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने आश्वासन दिया था कार्रवाई से पहले हर हाल में लोगों को दूसरी जगह बसाने या फिर जमीन दी जाएगी। संघर्ष समिति के सदस्य हरिओम नागपाल ने कहा कि अभी तक समाधान नहीं हुआ है। हमारा निर्माण कार्य को लेकर कोई विरोध नहीं है। हमें तो सिर्फ डबल फाटक पर ही फाटक चाहिए। दोनों तरफ सड़क का भी निर्माण होना चाहिए। दो माह से तो अफसरों के पास चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो सका है।

जयपाल वर्मा, प्रधान, जन कल्याण वेलफेयर सोसाइटी। कुछ ही दिनों के अंदर सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर से दो बार वार्ता हो चुकी है। हमें आश्वासन मिला है कि जब तक लोग नहीं चाहेंगे तब तक कार्रवाई नहीं होगी।

-हरिओम नागपाल, संघर्ष समिति, गांधी कैंप।

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