जेएनएन, रोहतक। ऑनर किलिंग का शिकार हुई ममता के शव का अंतिम संस्कार अाखिरकार प्रशासन ने रोहतक में ही कराया। ममता के शव के अंतिम संस्‍कार को लेकर पंचायत के फरमान के बाद किसी तरह के विवाद से बचने के लिए यह कदम उठाया गया। कोर्ट के आदेश पर प्रशासन, महिला आयोग और जनवादी महिला समिति समेत अन्य संस्थाएं शव लेकर शीला बाईपास स्थित श्मशान घाट में पहुंची। उसकी अर्थी को हरियाणा महिला अायाेग की अध्‍यक्ष प्रतिभा सुमन व अन्‍य सदस्‍यों ने दिया।

कोर्ट के आदेश के बाद महिला आयोग और अन्य संस्थाओं के सहयोग से हुआ संस्कार

शव को मुखाग्नि ममता के ताऊ के बेटे ने दी। वहीं इसकी सूचना ममता के अंतिम संस्कार के करीब आधे घंटे बाद ससुरालियों को दी गई। इस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया गया। उधर, जेल से ममता के पति ने संदेश भिजवाया कि यदि उन्हें अस्थियां नहीं दी गई तो पूरा परिवार आत्मदाह कर लेगा।

बता दें कि मूलरूप से गद्दीखेड़ी गांव की रहने वाली ममता को हिसार रोड निवासी उसके फूफा रमेश ने गोद ले रखा था। पिछले साल ममता ने सिंहपुरा गांव निवासी सोमी के साथ अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। हालांकि नाबालिग होने के कारण अदालत ने उसे करनाल के नारी निकेतन भेज दिया था। वहीं उसके बालिग होने के फर्जी कागजात बनाने पर पति सोमी और सोमी के पिता को जेल भेज दिया था।

इसी मामले में पेशी के लिए ममता को बुधवार को करनाल पुलिस नारी निकेतन से लेकर आई थी। यहां परिजनों ने ही उसकी हत्या करवा दी। इसके बाद से ममता के शव को लेकर जद्दोजहद चल रही थी। मायके वाले शव का अंतिम संस्कार करना चाहते थे, जबकि ससुरालियों ने भी कोर्ट में अपील दायर की थी कि वह अंतिम संस्कार करेंगे। दूसरे अोर ममता के ससुराल में पंचायत ने फरमान सुनाया था कि गांव में शव का अंतिम संस्‍कार किया गया तो लड़का पक्ष का सामाजिक बहिष्‍कार किया जाएगा। पुलिस कस्टडी में हत्या होने के कारण मामला कोर्ट में चला गया था।

शनिवार को कोर्ट ने अंतिम संस्कार के लिए उपायुक्त डा. यश गर्ग को आदेश जारी कर दिए। इसके बाद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने विचार-विमर्श किया और महिला आयोग समेत जनवादी महिला समिति की पदाधिकारियों से भी चर्चा की। सभी की सहमति के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे शीला बाईपास स्थित श्मशान घाट में ममता का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

अंतिम संस्कार के समय ममता के गांव गद्दीखेड़ी से भी कुछ लोग आए थे। ममता के ताऊ के बेटे नान्हा ने चिता में आग दी। अंतिम संस्कार से पहले राज्य महिला आयोग की चेयरमैन प्रतिभा सुमन के अलावा समिति के सदस्यों ने शव पर पुष्प अर्पित किए और अर्थी को कंधा भी दिया।

इस दौरान एसडीएम राकेश कुमार, डीएसपी रमेश, आर्य नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता, अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी प्रवीण कुमार, महिला आयोग की सदस्य सोनिया अग्रवाल, प्रीति भारद्वाज, इंदू यादव, जनवादी महिला समिति की राज्य उपाध्यक्ष सविता, जिलाध्यक्ष जगवती सांगवान सहित अन्य मौजूद रहे।

ममता के अंतिम संस्कार के लिए शाम करीब साढ़े छह बजे रखा गया था। ममता के ससुरालियों को सूचना देने शाम करीब सात बजे दो पुलिसकर्मी सिंहपुरा गांव में पहुंचे। उन्होंने एक पत्र पर ममता के देवर टिंकू के हस्ताक्षर कराए। इसमें लिखा गया था कि ममता का अंतिम संस्कार साढ़े छह बजे किया जाएगा, जबकि अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था।

------

जेल से पति ने भिजवाया मैसेज, मुझे अस्थियां तो दे दो, नहीं तो परिवार करेगा आत्मदाह

अंतिम संस्कार को लेकर हुए विवाद के बीच अब उसके पति सोमी ने अस्थियां विसर्जित करने की मांग की है। सुनारिया जेल में बंद सोमी ने छोटे भाई टिंकू के माध्यम से मैसेज भेजकर मांग की है कि अंतिम संस्कार का हक तो उनसे छीन लिया गया, कम से ममता की अस्थियां ही दे दी जाए। अस्थियां नहीं मिली तो सोमी ने परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी दी है।

ममता के ससुरालियों ने आरोप लगाया कि आर्य नगर थाना पुलिस ने उन्हें बुलाकर दिन भर थाने में बैठाए रखा। इसके बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देकर जबरन उनसे बयान लिखवा लिए कि वह अंतिम संस्कार नहीं करना चाहते, जबकि उन्होंने कोर्ट में अर्जी देकर अंतिम संस्कार के लिए शव की मांग की थी।

तीन आरोपितों को भेजा जेल, एक रिमांड पर

शुक्रवार शाम को आर्य नगर थाना प्रभारी सुनीता की टीम ने ममता के असली पिता रामकेश और मां सरिता और उसे गोद लेने वाले पिता(फूफा) रमेश और मां(बुआ) कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया। वहीं हत्याकांड में प्रयुक्त बाइक को भी बरामद कर लिया है।

पूछताछ में उन्होंने बताया था कि हत्याकांड का मास्टरमाइंड ममता का मौसेरा भाई मोहित उर्फ मंगलू है। उसी ने उत्तरप्रदेश से अपने साथियों को बुलाकर हत्याकांड को अंजाम दिया। शनिवार को पुलिस ने चारों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से रामकेश, सरिता और कृष्णा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं रमेश को दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया।

Posted By: Sunil Kumar Jha