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रोहतक में अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई, 10 राजस्व संपदाओं में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक

Published: Mon, 19 Oct 2026 04:55 PM (IST)

रोहतक जिला प्रशासन ने बिना मंजूरी वाली कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10 राजस्व संपदाओं में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है।

रोहतक में 10 राजस्व संपदाओं में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक।

रोहतक में 10 राजस्व संपदाओं में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक।

HighLights

  1. रोहतक में 10 राजस्व संपदाओं में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक।

  2. अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बचने की सलाह दी गई।

  3. रजिस्ट्री और बिजली कनेक्शन पर भी प्रशासन की कड़ी नजर।

जागरण संवाददाता, रोहतक। जिले में बिना जरूरी मंजूरी के विकसित की जा रही कॉलोनियां में प्लॉट खरीदना लोगों को भारी पड़ सकता है। जिला प्रशासन ने ऐसी कॉलोनियां के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए 10 राजस्व संपदाओं के चिन्हित खसरा नंबरों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं।

इनमें रोहतक शहर के कई खसरा नंबरों के अलावा सुंदरपुर, मायना, सराय अहमद, गढ़ी बोहर, बोहर, सांपला, कारौर, खरावड़ और गिझी की जमीन शामिल है।

इन क्षेत्रों में नगर योजनाकार विभाग से जरूरी लाइसेंस, सीएलयू या एनओसी लिए बिना कॉलोनियां विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में नागरिकों को इन चिन्हित जमीनों पर प्लॉट खरीदने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

रजिस्ट्री से लेकर बिजली कनेक्शन तक पर नजर

अवैध कॉलोनियां पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने केवल चेतावनी तक कदम सीमित नहीं रखे हैं। उप-पंजीयकों को निर्देश दिए गए हैं कि चिन्हित खसरा नंबरों में बिक्री विलेख, एग्रीमेंट टू सेल, फुल पेमेंट एग्रीमेंट और पावर आफ अटार्नी का पंजीकरण या निष्पादन न किया जाए। एसडीएम, तहसीलदार और जिला राजस्व अधिकारियों को भी इन जमीनों से संबंधित रजिस्ट्री पर रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीसी सतबीर सिंह ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि चिन्हित राजस्व संपदाओं में बिजली कनेक्शन जारी न किए जाएं। वहीं, हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो को संबंधित स्थलों पर निगरानी रखने और अवैध निर्माण कार्य रोकने के लिए कहा गया है।

प्लॉट खरीदने से पहले इन दस्तावेजों की जांच जरूरी

प्रशासन की इस कार्रवाई के बीच जमीन खरीदने वालों के लिए सबसे अहम बात यह है कि केवल प्लॉट की रजिस्ट्री या विक्रेता के दावे के आधार पर सौदा न करें। जमीन और कॉलोनी की वैधानिक स्थिति की जांच करना जरूरी है।

यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कॉलोनी विकसित करने के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक मंजूरी ली गई है या नहीं। डीसी सतबीर सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति में निवेश करने से पहले उसके दस्तावेजों और कानूनी स्थिति की पूरी पड़ताल करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इन 10 राजस्व संपदाओं के खसरा नंबर प्रशासन के निशाने पर

प्रशासन की ओर से जारी विवरण के अनुसार, सुंदरपुर में खसरा नंबर 56//5/3 और 57//1, 2; मायना में 28//2/2/1/2 सहित कई खसरा नंबर; सराय अहमद में 23//20/1, 20/2, 20/3 समेत अन्य नंबर; गढ़ी बोहर में 320//7/1, 7/2 और 14; और बोहर में 159//21 और 178//1/1, 1/2, 1/3 शामिल हैं। इसके अलावा रोहतक की राजस्व संपदा में 1078 से 1097 तक के खसरा नंबरों सहित कई अन्य नंबर सूचीबद्ध हैं। सांपला में 63//11 मिन और 12, कारौर में 4//2, 9, 10, 18, खरावड़ में 37//9/1, 10, 11/1 और गिझी में 7//25, 8//5, 72//21/1 तथा 81//17, 18, 19, 22, 23, 24 नंबर चिन्हित किए गए हैं।

खरीदारों के लिए चेतावनी

यह रोक प्रशासन द्वारा सूचीबद्ध राजस्व संपदाओं के निर्दिष्ट खसरा नंबरों पर लागू है। जमीन का सौदा करने से पहले संबंधित राजस्व और नगर योजनाकार विभाग से वर्तमान स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।