जागरण संवाददाता, रोहतक : जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार की कोर्ट ने स्कूल बस चालक को गोली मारने वाले आरोपित और उसके साथी को बरी कर दिया है। आरोपित पक्ष की तरफ से कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता अतुल मेहता ने बताया कि शिकायत पक्ष आरोपित पक्ष के खिलाफ ठोस सबूत कोर्ट में पेश नहीं कर सका। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपितों को बरी करने का फैसला सुनाया है।

पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, अजमेर निवासी गांव जसिया ने पांच फरवरी 2019 को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह जीडी गोयनका स्कूल में गाड़ी चालक है। इससे पहले इस गाड़ी को लव कुमार निवासी गांव बलियाना चलाता था। स्कूल प्रशासन ने इस गाड़ी पर स्कूल के बच्चों को उतारने व चढ़ाने के लिए एक महिला को रखा हुआ है। कुछ दिन पहले लव कुमार का महिला के भतीजे ललित कुमार के साथ झगड़ा हो गया था। शिकायत पर स्कूल ने लव कुमार को नौकरी से हटा दिया था। जब वह घटना के दिन साईंदास कालोनी पहुंचा तो वहां पर ललित एक अन्य साथी के साथ आया। ललित ने अपने हाथ में ली हुई पिस्टल से उसकी गाड़ी की खिड़की खोलकर उसकी गर्दन की तरफ फायर कर दिया। उसने गर्दन हटाकर अपनी जान बचाई। गोली के छर्रे उसे मुंह पर लगे। आरोपित के साथी ने उस पर ईंट से हमला किया। जिससे वह घायल हो गया। आरोपित वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। एडवोकेट अतुल मेहता ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार की कोर्ट ने सबूतों के अभाव में कोर्ट ने दोनों आरोपितों को बरी कर दिया है।

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