जागरण संवाददाता, रोहतक : सभी तथ्यों को देखकर लग रहा है कि मरने वाला व्यक्ति परेशान तो था, लेकिन आरोपित की वजह से परेशान है यह स्पष्ट नहीं है। क्योंकि मृतक की मां ने भी बयान दिया था कि उसका अपनी पत्नी के साथ भी झगड़ा रहता है। जिस समय व्यक्ति ने आत्महत्या की, उसकी पत्नी भी मायके में गई थी। यह टिप्पणी करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की कोर्ट ने आरोपित को बरी कर दिया है।

मामले के अनुसार, राजीव नगर के रहने वाले सुरेश जनवरी 2018 में अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। इसमें लिखा था कि रैनकपुरा मोहल्ले के रहने वाले राजेश ने उससे करीब तीन लाख 80 हजार रुपये लिए थे, जो वापस मांगने पर धमकी दे रहा है। इसके अलावा किलोई गांव के एक व्यक्ति से ट्रक खरीदा था, जो किश्त पूरी होने के बाद भी ट्रक नाम नहीं कर रहा। इस वजह से वह काफी परेशान है। पुलिस ने राजेश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इस दौरान पुलिस ने मृतक की पत्नी, मां और साले के भी बयान लिए, जो विरोधाभास मिले। यह मामला तभी से कोर्ट में विचाराधीन था। शनिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की कोर्ट ने सभी तथ्यों को देखते हुए आरोपित को बरी कर दिया।

Posted By: Jagran

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