जागरण संवाददाता, रोहतक :

पंडित लख्मीचंद दृश्य एवं ललित कला विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में चल रही पांच दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का शुक्रवार को समापन किया गया। कार्यशाला के अंतिम दिन में प्रतिभागियों ने ब्लॉक प्रिटिग और डाई कार्यशाला में जापानी तकनीक सीबोरी से कपड़ों को रंगना सिखा। इसके साथ ही एक्पर्ट अवधेश और उनकी पत्नी मंजू पांडेय ने नेचुरल ब्लॉक प्रिटिग करना सिखाया। समापन समारोह में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह व रजिस्ट्रार प्रो. भारती शर्मा ने प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट्स देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही प्रो. राजबीर सिंह ने बताया कि प्रतिभागियों की रूचि को देखते हुए जल्द ही छह माह का डिप्लोमा पाठ्क्रम शुरू किया जाएगा। जिसमें कामकाजी लोग पार्ट टाइम भाग लेकर अपनी रूचि के अनुसार फोटोग्राफी, डिजाइनिग, पेंटिग, एक्टिग आदि सिख सकते हैं। प्रतिभागियों ने पांच दिन में सीखी ये कलाएं

डिजाइन विभाग में चल रही ब्लॉक प्रिटिग व नेचुरल डाइंग कार्यशाला में एक्सपर्ट अवधेश पांडेय ने फूलों, मेहंदी, नीम, अनार के छिलके, करेला के छिलके, केशूला के फूल, अखरोट के छिलके आदि से कपड़ों को रंगने के लिए कलर बनाने से लेकर रंगाई की विधि बताई। इसके साथ ही उनकी पत्नी मंजू पांडेय ने हाथ से साड़ी, कुर्ती, रूमाल आदि पर ब्लॉक प्रिटिग करना सिखाया। साथ ही फैशन में चल रहे डिजाइनों को छापने के विधि बताई। वहीं फिल्म एंड टेलीविजन विभाग में फोटोग्राफी कार्यशाला में एक्सपर्ट शशांक ने कैमरे के पार्ट, फोटो करने के एंगल, आउट डोर फोटोग्राफी, फिल्टर, इफेक्ट आदि के बारे में में बताया और लाइव डेमो भी कराया गया। इसके साथ ही फाइन आर्ट विभाग में एक्सपर्ट के रमेश ने बच्चों को स्केच बनाना, ऑलय कलर से पेंटिग बनाना, थ्रीडी, नेचुरल आदि आर्ट वर्क सिखाया। क्ले मॉडलिग में प्रतिभागियों ने फाइबर, पीओपी से मूर्ति, क्रिएटिव खेल-खिलौने बनाए।

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Posted By: Jagran

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