अरुण शर्मा, रोहतक

किसानों की नीयत में खोट आ गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के भूमि अर्जन कार्यालय की खामी के चलते एक की बजाय किसानों के खातों में दो-दो बार रकम ट्रांसफर हो गई थी। भूमि अर्जन कार्यालय ने अपनी खामी को दूर करने के लिए बैंकों की मदद ली थी। इसी प्रकरण में नया खुलासा हुआ है। 322 में से करीब 26-27 ऐसे किसान हैं, जिन्होंने रकम लौटाने के बजाय बैंक खातों से ही रकम निकाल ली। भूमि अर्जन कार्यालय ने इन किसानों को नोटिस जारी किए हैं। तत्काल रकम वापस न करने पर पुलिस केस होगा। वहीं, अभी तक करीब 25.80 करोड़ रुपये की रिकवरी कर ली गई है। शेष पांच करोड़ की रकम की रिकवरी करना विभाग के लिए अभी भी चुनौती बना हुआ है। रकम का लगाया सही आकलन, 32.51 करोड़ नहीं 30.80 करोड़ थी रकम

भूमि अर्जन कार्यालय के सूत्रों ने दावा किया है कि अभी तक यही बात सामने आ रही थी कि 32.51 करोड़ रुपये की रकम दो-दो बार किसानों के खातों में भेजी गई थी। हालांकि बैंक खातों का ब्योरा मिलने के बाद सही रकम का आकलन किया गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि किसानों के खातों में गलती से दूसरी बार 30.80 करोड़ रुपये की रकम भेजी गई थी। बैंकों से जानकारी मिलने के बाद प्राधिकरण के प्रशासक वीरेंद्र सिंह हुड्डा व उच्चाधिकारियों को जानकारी भेजी गई है। खाते फ्रीज होने से पहले ही निकाली रकम, पटवारियों ने दिए नोटिस

भूमि अर्जन कार्यालय का करीब 10-12 बैंकों से लेनदेन है। इन सभी बैंकों में लिखित में सूचना भेजी गई तो तत्काल ही किसानों के खाते फ्रिज कर दिए गए थे। हालांकि कुछ किसानों ने खाते फ्रीज होने से पहले ही रकम निकाल ली। रिकवरी के लिए 11 पटवारियों को जिम्मा मिला था। जिन किसानों ने बैंक खातों से रकम निकाल ली है, उन्हें पटवारियों ने नोटिस दिए हैं। इन्हीं सभी बैंकों के माध्यम से रिकवरी हो रही है। रकम निकालने वालों का ब्योरा बैंकों ने ही तैयार किया है। यह है मामला : भारी लापरवाही के चलते किसानों के खातों में भेजी गई थी रकम

गोहाना (सोनीपत) के सेक्टर-13, सांपला (रोहतक) के सेक्टर-6 और झज्जर के सेक्टर-10 के लिए 2016 से पहले जमीन अधिग्रहित की गई थी। अधिग्रहित जमीन की एन्हांसमेंट की मुआवजा राशि (ब्याज व मूलधन) के 32.51 करोड़ (32,51,88,336) रुपये किसानों के खातों में सबसे पहले 27 मई को भेजे गए। दूसरी बार यही रकम 11 जुलाई को किसानों के खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी गई। अफसरों ने सॉफ्टवेयर की गलती को दो-दो बार रकम भेजने का असल कारण बताया था।

हमारी कोशिश यही है कि तत्काल ही पूरी रकम की रिकवरी कर ली जाए। जिन किसानों ने अपने बैंक खातों से रकम निकाल ली है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसानों से भी अपील है कि वह रकम तत्काल वापस कर दें।

महेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार, भूमि अर्जन कार्यालय

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