अरुण शर्मा, रोहतक

शहरी जनता के लिए बड़ी खबर है। करीब दो-ढाई साल बाद प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे पूरा हो गया है। साल 2010-2011 के बाद पहली बार सर्वे का कार्य पूरा हुआ है। शहरी स्थानीय निकाय अप्रैल से प्रॉपर्टी टैक्स के सर्वे की रिपोर्ट लागू करेगा। शहरी क्षेत्र में सभी प्रॉपर्टी के लिए आठ डिजिट का क्यूआर कोड(क्विक रेस्पांस) होगा। बैकग्राउंड में 22 डिजिट का क्यूआर कोड होगा। नए सर्वे में प्रॉपर्टी का एक-एक इंच का हिसाब रहेगा। शहरी क्षेत्र में करीब 24 हजार नई प्रॉपर्टी बढ़ गई हैं।

क्यूआर कोड में संपत्ति का पूरा ब्योरा होगा। रोहतक नगर निगम क्षेत्र में 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले ड्रोन से सर्वे शुरू हुआ था। बाद में आचार संहिता लग गई। साल 2020 में कार्य रफ्तार पकड़ता उससे पहले ही कोविड-2019 ने काम प्रभावित कर दिया। सर्वे का कार्य लगातार प्रभावित होता रहा। अब करीब साढ़े तीन माह से दोबारा से सभी 22 वार्डो में सर्वे के शेष कार्य को पूरा कराने के लिए काम शुरू हुआ। अब सर्वे के कार्य से जुड़ी जयपुर की कंपनी याशी कंसल्टिग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने कार्य पूरा होने का दावा किया है।

आसानी से पहचान सकेंगे प्रॉपर्टी, प्रत्येक कालोनी के निकट लैंडमार्क

जयपुर की कंपनी याशी कंसल्टिग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिग डायरेक्टर संजय गुप्ता कहते हैं कि रिहायशी, व्यवसायिक, औद्योगिक व अन्य सभी प्रकार की संपत्तियों के सर्वे के दौरान लैंडमार्क किया गया है। इससे लोगों को अपनी संपत्तियों को पहचानने में आसानी होगी। सभी प्रॉपर्टी के डिजिटल फोटो होंगे। जब आनलाइन दावे-आपत्तियां मांगे जाएंगे तब व्यक्ति रोहतक वाले विकल्प में जाएंगे। फिर कालोनी का नाम डालेंगे। कालोनी में लैंडमार्क जैसे मंदिर, कुंआ, गुरुद्वारा, स्कूल, सरकारी कार्यालय व अन्य किसी भी तरह की पहचान रहेगी। बाद में संबंधित लैंडमार्क के आसपास के 50 घर दिखेंगे। इनमें सभी के घरों के फोटो होंगे। व्यक्ति अपने घर, फैक्टरी, प्लाट, दुकान, शोरूम आदि को पहचान लेगा। व्यक्ति अपनी संपत्ति को आसानी से पहचान सकेगा। इसी चिह्नांकन के आधार पर त्रुटियों को दूर करा सकेंगे।

एचएसवीपी व हाउसिग बोर्ड के मकान नंबर नहीं बदलेंगे

सर्वे के कार्य से जुड़ी कंपनी के अधिकारी कहते हैं कि किसी की प्रॉपर्टी में गलत नाम चढ़ा हुआ है। जैसे किसी के व्यक्ति के नाम पर घर है, जबकि पिता का निधन हो गया तो संबंधित व्यक्ति को एक आवेदन और रजिस्ट्री आनलाइन देनी होगी। इसी तरह प्रॉपर्टी का साइज कम-ज्यादा होने की स्थिति में भी आवेदन और रजिस्ट्री की कापी लगानी होगी।

वहीं, एचएसवीपी(हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) व हाउसिग बोर्ड के आवासों के नंबर नहीं बदलेंगे। शहरी क्षेत्र की वैध सभी कालोनियों के घरों, प्लाट की संपत्तियों की रेंडम आइडी जनरेट होगी। यही मकान नंबर आनलाइन चढ़ा दिए जाएंगे। हालांकि वैध कालोनियों में मकान नंबर यही रहेंगे या नहीं यह फैसला शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी तय करेंगे। सभी कार्रवाई मार्च में पूरी होने के बाद अप्रैल से नंबरिग, क्यूआर कोड वाले नंबर जारी होने के आसार हैं।

जल्द ही मांगे दावे-आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे

जल्द ही शहरी स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से दावे-आपत्तियां मांगी जाएंगी। किसी की प्रॉपर्टी के क्षेत्रफल, नाम, पते आदि में त्रुटि होगी तो लोग इन्हें निर्धारित अवधि में आवेदन देकर दुरुस्त करा सकेंगे। 15 से 30 दिनों का समय दावे-आपत्तियां दर्ज कराने के लिए मिल सकता है। इसके बाद त्रुटियां दूर करके निकाय विभाग फाइनल प्रॉपर्टी टैक्स मालिकों की लिस्ट जारी करेगा। यह सभी कार्रवाई पूरी होने के बाद कुछ दिनों के ही अंदर डाटा लाइव किया जा सकता है।

वर्जन

जयपुर की कंपनी शहरी क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे कर रही थी। सर्वे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही मकानों के नंबर व एड्रेस से संबंधित ब्योरा आनलाइन जारी किया जाएगा।

जगदीश चंद्र, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी, नगर निगम

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