जागरण संवाददाता, रोहतक : राज्यसभा सदस्य एवं कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा प्रदेश में कानून व्यवस्था की बदहाल स्थिति पर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सोनीपत में दो पुलिसकर्मियों की हत्या चिताजनक है। हुड्डा सरकार के समय खेलकूद, निवेश, विकास, शांति मे अव्वल रहा हरियाणा अब भाजपा के शासन में हत्या, लूट, डकैती, दंगे, नशे, बेरोजगारी में अव्वल हो गया है। पिछले छह साल में प्रदेश दो दशक पीछे चला गया है।

दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा-जजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि एनसीआरबी के वर्ष 2018 के आंकड़े बताते हैं कि हर दिन तीन से चार हत्याएं, चार दुष्कर्म और 14 अपहरण हुए। हर दिन एक डकैती, छह छेड़छाड़, महिलाओं के साथ 39 किसी ना किसी तरह की गंभीर वारदातें हुई हैं। रोज 50 वाहनों की चोरी हुई है। चोरी के वाहन अक्सर वारदातों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल होते हैं। वर्ष 2018 में रो•ा 54 चोरी, लूट, डकैती और जबरन वसूली की वारदातें हुई हैं। इसी तरह के आंकड़े राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के भी हैं। कुल मिलाकर आंकड़े बता रहे हैं कि हरियाणा अब अपराधियों की शरणस्थली बन गया है। गुंडे और अपराधी बेखौफ दनदनाते घूम रहे हैं और प्रदेश सरकार चुप्पी साधे बैठी है।

एक समय था जब हरियाणा में हुड्डा सरकार थी, तब अपराधियों को या तो हरियाणा छोड़ने पर मजबूर कर दिया गया था या तो जेल की सलाखों के अंदर डाल दिया गया था। कानून नहीं मानने वाले अपराधियों का एनकाउंटर करने की आवश्यकता भी पड़ी तो हरियाणा में कानून-व्यवस्था, शांति कायम करने के लिए हर कदम उठाया गया था। अब वही अपराधी पुलिस पर गोलियां बरसा रहे हैं। ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर परिस्थिति है। जवाबदेही और सबसे पहली जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की बनती है। खट्टर सरकार प्रदेश की बदतर कानून-व्यवस्था पर जवाब दे।

Posted By: Jagran

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