जागरण संवाददाता, रोहतक : मानव जीवन के लिए जल अमूल्य है, जल का और कोई दूसरा विकल्प नहीं है। भावी पीढ़ी के लिए जल संरक्षण करना और भूजल स्तर में सुधार करना बहुत जरूरी है। यह बात उपायुक्त आरएस वर्मा ने की है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को विरासत में जल के साथ-साथ उपजाऊ भूमि दें, ताकि पर्यावरण में सुधार हो और वर्षों तक भूमि की उपजाऊ शक्ति बरकरार रह सकें। उपायुक्त ने किसानों से मेरा पानी-मेरी विरासत योजना को अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भूमि का गिरता जल स्तर बेहद चितनीय है, इसके लिए अगर नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ी को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

उपायुक्त ने बताया कि अब तक जिला में योजना के तहत 3572 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है और इन किसानों की भूमि 8810 एकड़ है। मेरा पानी-मेरी विरासत योजना से भूजल में सुधार के साथ-साथ किसान फसल सुधारीकरण करके अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। योजना को अपनाने वाले किसान धान के स्थान पर कपास, बाजरा, मक्का, दालें व सब्जी जैसी फसलों की बिजाई कर रहे हैं। इस योजना के तहत किसानों को सात हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।

उपनिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग रोहताश सिंह ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गांवों में जाकर किसानों को इस मुहिम में जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही है। मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करने वाले किसानों की वैरिफिकेशन कर रही है।

Posted By: Jagran

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