जागरण संवाददाता, रोहतक : विद्यार्थियों के स्कूल लिविग सर्टिफिकेट (एसएलसी) के संदर्भ में सरकार की ओर से दिए गए आदेशों से प्राइवेट स्कूल आहत हैं। प्राइवेट स्कूल संघ हरियाणा ने सरकार को यह आदेश वापसी के लिए 25 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। जो वीरवार को पूरा होने जा रहा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि अब सरकार ने अगर आदेश वापस नहीं किए तो 25 के बाद संघ की ओर विचार विमर्श कर बड़े आंदोलन रणनीति तय की जाएगी।

कुंडू ने कहा कि तीन महीने से प्राइवेट स्कूलों में फीस नहीं आ रही है। जिसके चलते प्राइवेट स्कूल संचालक अपने अध्यापकों व अन्य कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं। इससे लाखों परिवारों पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से हाल ही में बिना एसएलसी के सरकारी स्कूलों में दाखिला देने का फरमान जारी किया है, जो निदनीय है। सरकार के इस आदेश के बाद प्राइवेट स्कूलों में भारी रोष हो चला है। सरकार के इस आदेश से प्राइवेट स्कूलों को बच्चों की बकाया फीस नहीं मिल पाएगी और उनका आर्थिक संकट और गहरा जाएगा। कोरोना काल में भी प्राइवेट स्कूलों के तमाम खर्चे हैं जो पूरे नहीं हो रहे हैं। उन्होंने प्रायोगिक परीक्षाओं के आधार पर विद्यार्थियों के नंबर जोड़कर बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम घोषित किए जाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार को कोरोना काल में प्राइवेट स्कूलों को आर्थिक पैकेज देना चाहिए।

Posted By: Jagran

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