जागरण संवाददाता, रोहतक : जिला परिषद के नवनिर्वाचित चेयरमैन की अध्यक्षता में शुक्रवार को पहली बैठक हंगामेदार रही। जिला पार्षद दो गुटों में बंटे हुए दिखे। पहले से गठित जांच कमेटियों की निष्क्रियता का मामला सदन में रखा गया। इसके साथ ही पहले से जांच करने वाली कमेटियों को भंग कर दिया। इनके स्थान पर दूसरी जांच कमेटियां गठित कर दीं। बीते साल 20 अगस्त को आयोजित हुई बैठक में पास हो चुके एजेंडों पर अनुमोदन नहीं किया गया। बीते साल पास हो चुके एजेंडों पर कार्य हुए कि नहीं इसकी पहले जांच होगी। जांच रिपोर्ट में सब कुछ सही मिलने पर ही एजेंडे पास किए जाएंगे। वहीं, बैठक में बुलाने के बावजूद भी छह विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे। सदन में प्रस्ताव पास हुआ कि अब गैर हाजिर अधिकारियों की पेशी मुख्यमंत्री मनोहरलाल के सक्षम कराई जाएगी। जिला परिषद के चेयरमैन सतीश भालौठ की अध्यक्षता में करीब साढ़े तीन घंटे बैठक हुई। बुलाए सीएमओ, एसई-एक्सईएन पहुंचे एसडीओ-जेई

हाउस की बैठक में उस दौरान सभी हैरान रह गए जब छह विभागों के अधिकारी गैर हाजिर रहे। उनके स्थान पर जेई-एसडीओ ही पहुंचे। सीएम के स्थान पर एक अन्य चिकित्सक पहुंचे। जब भी बैठक के दौरान पक्ष रखने का मौका आता तो अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में मामला न होने का बहाना बना देते। पूरे प्रकरण में चेयरमैन सतीश और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ब्रह्म प्रकाश आदि ने कड़ी नाराजगी जताई। चेयरमैन के मुताबिक, बैठक में सीएमओ अनिल बिरला, सिचाई विभाग के एक्सईएन रामनिवास, जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन युद्धबीर सिंह, पशु पालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डा. सूर्य खटखड़, मार्केटिग बोर्ड के एक्सईएन राजेंद्र शर्मा भी नहीं पहुंचे। चेयरमैन ने कहा कि अगली बार बैठकों में उच्चाधिकारी ही आएं, इसे लेकर आदेश जारी किए गए हैं।†ा सभी 14 जिला पार्षदों में बांटे जाएंगे 1.46 करोड़

चेयरमैन ने बैठक के दौरान बताया कि 1.46 करोड़ रुपये जिला परिषद के पास हैं। इस बजट को जरूरत के हिसाब से सभी 14 जिला पार्षदों को बांटा जाएगा। चेयरमैन ने कहा कि हम किसी के साथ भेदभाव नहीं होने देंगे। यह भी कहा कि जिन वार्डों में कम बजट मिला है वहां ज्यादा बजट दिया जाएगा। पार्षद राजीत और पार्षद प्रतिनिधि मनोज में हुई कहासुनी

जिला पार्षद राजीत एक मामले में पक्ष रख रहे थे। इसी दौरान चेयरमैन ने उन्हें टोक दिया। इस पर पार्षद राजीत ने कहा कि आप मेरी बातों को गलत ट्रैक पर ले जा रहे हैं, मैं कुछ और कहना चाहता हूं। चेयरमैन को जवाब देने के विरोध में पार्षद रितु के प्रतिनिधि मनोज और राजीत में जबरदस्त कहासुनी हो गई। भालौठ गुट के अधिकारी पहले पहुंचे, दूसरे गुट के एक 45 मिनट देरी से

चेयरमैन सहित कुल जिला पार्षदों की संख्या 14 है। नवनिर्वाचित चेयरमैन नरेंद्र दांगी भी बैठक में भी पहुंचे। बैठक की खास बात यह रही कि चेयरमैन गुट के आठ जिला पार्षद सुबह 11 बजे ही पहुंच गए। जबकि दूसरे गुट के जिला पार्षद करीब 45 मिनट देरी से पहुंचे। बैठक में लाजवंती, रितु फरमाणा, रिकू मुंगान, धर्मबीर, वाइस चेयममैन राजेंद्र वाल्मीकि, जेपी भाली, दिनेश करौंथा, राजीत, नवीन, कमला देवी आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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