जागरण संवाददाता, रोहतक :

गृह मंत्री अनिल विज बृहस्पतिवार को एक्शन मोड में नजर आए। महिला पुलिसकर्मी की शिकायत पर गृह मंत्री ने सिविल लाइन थाने का करीब एक घंटे तक निरीक्षण किया। जहां पर फरियादियों की शिकायतें रजिस्टर में चढ़ाने की बजाय बैरक और अन्य कमरों की अलमारी में दराज में पड़ी मिली। साथ ही मालखाने की बजाय लोड हुई दो कार्बाइन और एक पिस्टल काठ की अलमारी में लावारिस हालत में रखी मिली। गृह मंत्री ने एसएचओ को कड़ी फटकार लगाई और साथ ही एसएचओ, मुंशी और हेड कांस्टेबल समेत छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए।

दरअसल, गृह मंत्री अनिल विज परिवेदना निवारण समिति की बैठक में आए थे। बैठक खत्म होने के बाद उनका काफिला अचानक महिला थाने में पहुंच गया। हालांकि वह महिला थाने में अंदर नहीं गए और वहां पर गाड़ी से उतरकर पैदल ही महिला थाने से सटे सिविल लाइन थाने में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि किसी महिला पुलिसकर्मी ने गृह मंत्री से सिविल लाइन थाने को लेकर शिकायत की थी। थाने में पहुंचते ही वह सीधे एसएचओ और फिर मुंशी के पास पहुंचे। पहले उन्होंने फाइलों को खंगाला और फिर बैरक नंबर 11 और 12 समेत अन्य कमरों का निरीक्षण किया। बैरक नंबर 11 में रखी टेबल के अंदर से शिकायत की कॉपी लावारिस हालत में मिली। शिकायत को रजिस्टर में चढ़ाने की बजाय वहां क्यों रखी गई थी इस पर एसएचओ नरेश चंद कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। उन्होंने हर कमरे में जाकर अलमारी और टेबल की दराज चेक की। यहां तक कि शौचालय में भी जाकर वहां देखा। गृह मंत्री को शक था कि एसएचओ या उनके अधीनस्थ ने कुछ शिकायतें शौचालय में छिपा तो नहीं दी। हालांकि वहां पर कुछ नहीं मिला। मालखाने की बजाय कार्बाइन और पिस्टल बाहर अलमारी में क्यों रखी गई थी इस पर भी एसएचओ जवाब नहीं दे सके। वह मुंशी पर टालते हुए नजर आए। उन्होंने एसएचओ को फटकार लगाई और कहा कि तुमने प्राइवेट थाना बना रखा है। मनमर्जी से फैसले कराते हो। आखिर में करीब एक घंटा निरीक्षण करने के बाद उन्होंने एसएचओ नरेश कुमार, मुंशी वीरेंद्र और हेड कांस्टेबल राकेश समेत छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए। इनमें तीन पुलिसकर्मी वह शामिल है, जिन्होंने कार्बाइन और पिस्टल को लावारिस हालत में रखा हुआ था। कार्यावाहक एसपी मोहित हांडा को निर्देश दिए कि हथियारों को कब्जे में लिया जाए और जांच कर पता किया जाए कि यह तीन पुलिसकर्मी कौन-कौन है, इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी जाए। गृह मंत्री ने कुछ दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं।

Posted By: Jagran

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