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रोहतक में नहर से निकाली भगवान गणेश की 17 बड़ी प्रतिमाएं, युवाओं ने पेश की मिसाल

Published: Mon, 28 Sep 2026 11:14 PM (IST)

किलोई और लाढौत गांव के बीच भालौठ सब ब्रांच नहर से 'सुनो नहरों की पुकार' मिशन की टीम ने गणेश जी की 17 बड़ी प्रतिमाएं बाहर निकालीं।

रोहतक नहर से निकाली गईं गणेश जी की 17 विशाल प्रतिमाएं, जल प्रदूषण रोकने का प्रयास।

रोहतक नहर से निकाली गईं गणेश जी की 17 विशाल प्रतिमाएं, जल प्रदूषण रोकने का प्रयास।

HighLights

  1. किलोई-लाढौत के बीच नहर से 17 गणेश प्रतिमाएं निकाली गईं।

  2. 'सुनो नहरों की पुकार' टीम ने दो घंटे अभियान चलाया।

  3. जल प्रदूषण रोकने, प्रतिमाओं के उचित निस्तारण का लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, रोहतक। किलोई और लाढौत गांव के बीच प्राचीन शिव मंदिर के पास भालौठ सब ब्रांच नहर में विसर्जित की गई भगवान गणेश की 17 बड़ी प्रतिमाओं को सुनो नहरों की पुकार मिशन की टीम ने बाहर निकाला।

सूचना मिलने के बाद टीम ने करीब दो घंटे तक अभियान चलाकर तेज बहाव के बीच नहर में उतरकर प्रतिमाओं को बाहर निकाला और उनका उचित निस्तारण किया। मिशन के वरिष्ठ सदस्य साहब सिंह धामड़ और कमल अत्री ने टीम को नहर में प्रतिमाओं के विसर्जन की सूचना दी थी।

इसके बाद अमित और अजय हुड्डा के नेतृत्व में जतिन मलिक, कमल अत्री, अंकुश, पवन कुमार, निशांत और प्रदीप अत्री ने नहर में उतरकर प्रतिमाओं को बाहर निकाला। अभियान के दौरान टीम के सदस्यों ने चलते पानी में काफी देर तक श्रमदान किया।

मिशन के संस्थापक और मुख्य संरक्षक डा. जसमेर सिंह भी अभियान में शामिल हुए। उन्होंने युवा टीम के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि नहरों में प्रतिमा विसर्जन से जल प्रदूषण बढ़ता है। प्रतिमाओं पर लगे पेंट, रासायनिक पदार्थ और अन्य सजावटी सामग्री पानी और जलीय जीवों के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

उन्होंने लोगों से धार्मिक प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए निर्धारित स्थानों का इस्तेमाल करने की अपील की। अभियान में मिशन के वरिष्ठ सदस्य ईश्वर सिंह दलाल, राजबीर कालिरमन, साहब सिंह धामड़, राजेंद्र दहिया, देवेंद्र हुड्डा, कुमकुम और मनीषा सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।