जागरण संवाददाता, रेवाड़ी : नगर परिषद में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। अधिकारियों और पार्षदों के बीच तनातनी है। स्वयं अधिकारियों और अधिकारियों के बीच खेमेबंदी है। कर्मचारियों और पार्षदों के बीच खींचतान भी सामने आ चुकी है। ऐसे बिगड़े हुए माहौल में अब बड़ी खबर यह आई है कि नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता अजय सिक्का ने इस्तीफा उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। हालांकि अभी सरकार और मुख्यालय की तरफ से इस्तीफा मंजूर नहीं किया है और उन्हें दो सप्ताह का समय मंथन के लिए दिया है। इस इस्तीफे के पीछे बड़े कारण बताए जा रहे हैं।

सरकार ने पूछा, कौन परेशान कर रहा जानकारी दीजिए, जांच कराएंगे :

नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता अजय सिक्का की सेवाकाल अवधि काफी लंबी है और उनके रिटायरमेंट में अभी करीब डेढ़ साल का समय बाकी है। नप अधिकारी के तौर पर उनकी छवि बेहतर ही रही है, लेकिन बीते कुछ दिनों से नगर परिषद विवादों का अखाड़ा बनी हुई है। इस अखाड़े में हर कोई सामने वाले को चित करने में जुटा है। कुछ दिनों पूर्व कर्मचारियों और पार्षदों का विवाद बढ़ गया था, जिसमें एफआइआर तक की नौबत आ गई थी। वहीं, अधिकारियों की भी पूरी गुटबाजी चल रही है। नप के बिगड़ते माहौल का उदाहरण अब कार्यकारी अभियंता अजय सिक्का द्वारा दिया गया इस्तीफा है। कार्यकारी अभियंता का इस्तीफा पहुंचने के पश्चात सरकार व मुख्यालय से उनसे इस्तीफे का कारण पूछा गया है। दो सप्ताह का समय देने के साथ ही यह जानकारी भी मांगी गई है कि समय से पूर्व इस्तीफा वह किसी परेशानी में तो नहीं दे रहे हैं। कोई अधिकारी तो उनको परेशान नहीं कर रहा है। अगर कोई अधिकारी परेशान कर रहा है तो उसकी जानकारी दीजिए, जांच कराई जाएगी। दो सप्ताह तक सिक्का अपने इस्तीफे परर् मंथन कर सकते हैं और इसे वापस भी ले सकते हैं। दैनिक जागरण ने कार्यकारी अभियंता अजय सिक्का से भी संपर्क कर इस्तीफे का कारण जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया।

Edited By: Jagran