जागरण संवाददाता, रेवाड़ी : अवैध कालोनियों को नियमित करने के मामले में राज्य सरकार जल्दी में है, मगर जटिल प्रक्रिया के कारण काम इतना आसान नहीं दिख रहा। सरकार की ओर से 19 जुलाई को जारी अवैध कालोनियों को नियमित करने की अधिसूचना (नोटिफिकेशन) को सिरे चढ़ाने के लिए आरडब्ल्यूए (रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) या आवासीय सहकारी समिति या अवैध कालोनी बसाने वाले कालोनाइजर की ओर से आवेदन करने की जरूरत है। डीटीपी कार्यालय का ध्यान अब इसी पर है। शुक्रवार को डीटीपी वेदप्रकाश सहरावत ने बड़ी पहल करते हुए यहां ऐसे लोगों की बैठक बुलाई, जिन्होंने अवैध कालोनियां काटी हैं। सहरावत ने इन लोगों से आग्रह किया कि अवैध कालोनियों को नियमित करने के मामले में सरकार आपके द्वार पर पहुंची है। आप लोग आगे आएं और जरूरी औपचारिकता पूरी करके कालोनियों को नियमित करवाएं। अवैध कालोनियों में अधिकांश घर गरीब व निम्न मध्यम आय वर्ग के हैं। इनकी भलाई के लिए पहल करें।

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रजिस्ट्रेशन नहीं तो भी करें आवेदन डीटीपी ने कहा कि किसी भी कालोनी को नियमित तभी किया जाएगा, जब वहां पर या तो रजिस्ट्रड आरडब्ल्यूए होगी या कालोनाइजर की ओर से आवेदन आएगा, मगर आवेदन के समय अगर आरडब्ल्यूए का पंजीकरण नहीं है तो चिता न करें। कार्यवाही रजिस्टर में आरडब्ल्यूए गठित करके आवेदन कर दें। आनलाइन आवेदन करने का सबूत साथ लगा दें। बिना आरडब्ल्यूए गठन के अवैध प्लाटिग वाले भी आवेदन कर सकते हैं।

ऐसे लोग संबंधित कालोनी का पूरा ले-आउट प्लान आवेदन के साथ जमा कराएं। प्रापर्टी डीलरों के लिए सरकार की यह पहल किसी सपने जैसी है, क्योंकि डीटीपी के अनुसार सरकार उन भूखंडों को भी किसी आवासीय अवैध कालोनी का हिस्सा मानने के लिए तैयार है, जो एग्रीमेंट या जीपीए के आधार पर बिके हुए हैं।

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नगर निकायों से अलग है ये नोटिफिकेशन डीटीपी के अनुसार नगर निकायों के अंदर की कालोनियों के मामले में नगर निकायों के पास आवेदन होगा। 19 जुलाई के नोटिफिकेशन का नगर निकायों के अंदर की कालोनियों से कोई लेना-देना नहीं है। हमने केवल नगर पालिका या नगर परिषद की सीमा से बाहर बसी कालोनियों को ही इस नोटिफिकेशन के आधार पर नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की है। सरकार 19 जुलाई 2022 के बाद बसी कालोनियों को नियमित नहीं करेगी। यह आखिरी मौका है। लालडोरा के बाहर बने मकानों के लिए भी आरडब्ल्यूए बनाकर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करते समय भूखंडों के वाणिज्यिक, आवासीय या खाली प्लाट होने की जानकारी दें। एचएसवीपी के सेक्टरों के लिए अधिग्रहित की गई उस जमीन पर बने मकान मालिक भी आरडब्ल्यूए बनाकर आवेदन करें, जिसे रिलीज किया जा चुका है। रिलीज मकानों या भूखंड मालिकों से दोबारा फीस जमा करवाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आवेदन कीजिए, इस पर निर्णय सरकार लेगी। अभी डीटीपी कार्यालय केवल अधिसूचना को अमलीजामा पहनाने पर ध्यान दे रहा है।

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तीन अभियंताओं की ड्यूटी, सूचना की चस्पा डीटीपी वेदप्रकाश सहरावत ने कहा कि हमने लोगों को जागरूक करने के लिए तीन कनिष्ठ अभियंताओं की ड्यूटी लगाई है। जहां-जहां अवैध कालोनियां बसी हुई है, वहां अधिसूचना के बारे में जानकारी चस्पा की जा रही है। बिना देरी आवेदन करने चाहिए। छह माह में से एक माह बीत चुका है। बता दें सरकार ने अनधिकृत कालोनियों की चार श्रेणियां निर्धारित की है। जहां 25 फीसद तक निर्माण है, उन्हें ए, 25 फीसद से अधिक और 50 फीसद से कम को बी, पचास फीसद से अधिक व पचहत्तर फीसद से कम भूखंडों पर निर्माण को सी श्रेणी में रखा गया है। जहां शत प्रतिशत या 75 फीसद से अधिक निर्माण हुआ है, उस कालोनी को डी श्रेणी में रखा गया है। उपायुक्त की अध्यक्षता में कई विभागों के अधिकारियों सहित नौ सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। डीटीपी कमेटी के कंवीनर हैं। इस कमेटी की संस्तुति पर मंडलायुक्त कालोनियों को नियमित करने का निर्णय लेंगे।

Edited By: Jagran