जागरण संवाददाता, रेवाड़ी : सचिवालय सभागार में अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में नगर योजनाकार एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को बैठक के लिए एजेंडा बनाकर आने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे एजेंडे अनुसार संबंधित अधिकारी द्वारा क्या एक्शन लिया जाना है इस पर स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा घोषित नियंत्रित क्षेत्रो में अवैध निर्माण नहीं होने देने के लिए ठोस नीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण न हो उसके लिए विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदम और इन्हें तोड़ने से पूर्व कानूनी कार्यवाही की रिपोर्ट उल्लेखित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राज्य में नगर तथा ग्राम आयोजन विभाग द्वारा घोषित नियंत्रित क्षेत्रों में निदेशक नगर तथा ग्राम आयोजन विभाग की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण/पुर्ननिर्माण करना, सड़क बनाना वर्जित है। इस बारे किसी भी तरह का विज्ञापन देना/ करना अथवा अनुमति/ लाईसेंस प्राप्त होने से पहले किसी भी प्रोजेक्ट की प्री-लांच बु¨कग भी नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम 1963 एवं शहरी क्षेत्र अधिनियम 1975 के प्रावधानों का उल्लंघन है। उपरोक्त अधिनियमों की उल्लघंना करने वालो के विरूद्ध पुलिस में शिकायत एवं निर्माण को गिराया जा सकता है। इस प्रकार के अपराध के लिए न्यायालय द्वारा 3 वर्ष तक के कारावास या दस से पचास हजार रूपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान भी है। बैठक में नगर योजनाकार अनिल डबास, एसडीई लोक निर्माण विभाग, कार्यकारी अभियंता बिजली धारूहेड़ा, अविनाश, एनएचआइ के पीके कौशिक, वन विभाग के रेंज अधिकारी संदीप यादव, क्षेत्रीय अन्वेशक नगर योजनाकार अनिल कुमार उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran

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