1 करोड़ का बजट, फिर भी पार्कों में दूषित पानी और बदबू; नगर परिषद के सफाई के दावों की निकली हवा
शहर के पार्क एक करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर के बावजूद बदहाल हैं, जहां गंदगी, दूषित पानी और बेसहारा ...और पढ़ें
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एक करोड़ से अधिक के टेंडर फिर भी बदहाल शहर के पार्क। जागरण
HighLights
पार्क रखरखाव पर एक करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर।
गंदगी, दूषित पानी और बेसहारा पशुओं से बदहाल पार्क।
वीर सावरकर, राव तुलाराम पार्क की दयनीय स्थिति।
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। शहर के पार्कों की देखरेख और रखरखाव पर एक करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर छोड़ने के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
शहर के विभिन्न पार्कों में गंदगी के ढेर लगे हैं तो कहीं दूषित पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई पार्कों की दीवारें टूटी हुई हैं और पार्कों के अंदर बेसहारा पशु घूमते नजर आते हैं।
शहर के ऐतिहासिक वीर सावरकर पार्क, राव तुलाराम पार्क और संजय पार्क की हालत सबसे ज्यादा दयनीय बनी हुई है। इन हालात को देखकर नगर परिषद की सफाई व्यवस्था और पार्कों के रखरखाव के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दरअसल, नगर परिषद की ओर से दिसंबर माह में शहर के सभी पार्कों की देखरेख और रखरखाव के लिए करीब एक करोड़ रुपये का टेंडर छोड़ा गया था। इसका उद्देश्य पार्कों को साफ-सुथरा रखना, हरियाली को बनाए रखना और लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना था।
इसके बावजूद पार्कों की स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। पार्कों में जगह-जगह कूड़ा जमा है और कई स्थानों पर गंदगी के कारण लोगों का बैठना तक मुश्किल हो रहा है।
वीर सावरकर पार्क की दुर्दशा
शहर के ऐतिहासिक वीर सावरकर पार्क की हालत को लेकर समय-समय पर सामाजिक संगठनों की ओर से आवाज उठाई जाती रही है। कई संगठन पार्क की बदहाली को उजागर करने के लिए यहां पहुंचकर तस्वीरें भी खींचते रहे हैं।
इसके बावजूद पार्क की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है। राव तुलाराम और संजय पार्क में भी सफाई और रखरखाव की कमी साफ नजर आती है।
