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आशियाने खुद तोड़ने को मजबूर हुए लोग, रेवाड़ी में जड़ से खत्म होंगे जर्जर भवन; दो बार जारी हुए थे नोटिस

Published: Fri, 04 Sep 2026 04:54 PM (IST)

रेवाड़ी में नगर परिषद के नोटिस के बाद जर्जर इमारतों के मालिकों ने स्वयं उन्हें तोड़ना शुरू कर दिया है। ...और पढ़ें

रेवाड़ी में जर्जर भवन टूटने शुरू। जागरण

रेवाड़ी में जर्जर भवन टूटने शुरू। जागरण

HighLights

  1. रेवाड़ी में जर्जर भवनों को तोड़ने का कार्य शुरू।

  2. नगर परिषद के नोटिस के बाद मालिकों ने की पहल।

  3. हादसों से बचाव और सुरक्षा सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य।

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। रेवाड़ी में डेढ़ दर्जन से अधिक जर्जर और खंडहर इमारतों के मालकों को नगर परिषद की तरफ से दो बार नोटिस दिए जाने के बाद अब ऐसी इमारतों के मालिकों ने स्वयं की जर्जर भवनों को तोड़ना शुरू कर दिया है। मोहल्ला छिपटवाड़ा में एक व्यक्ति ने इमारत को खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है।

दरअसल, शहर में कई जर्जर मकान लंबे समय से इसी स्थिति में हैं। इनकी दीवारों और छतों का मलबा कभी भी गिर सकता है। वर्षा के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।

हादसे में हुई थी अध्यापक की मौत

वहीं, ऐसे में इन इमारतों के आसपास से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। जर्जर इमारतों के कारण शहर में पहले भी हादसे हो चुके हैं। करीब तीन वर्ष पूर्व एक जर्जर इमारत का मलबा गिरने से सेवानिवृत्त अध्यापक की मौत हो गई थी।

नोटिस के बाद खुद हटाने की पहल

नगर परिषद की ओर से नोटिस दिए जाने के बाद छिपटवाड़ा में संबंधित व्यक्ति ने प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय जर्जर भवन को स्वयं तोड़ने की पहल की है। अन्य जर्जर भवनों के मालिकों को भी आगे आकर अपनी इमारतों को सुरक्षित तरीके से हटाना चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके। वर्षा के दौरान जर्जर भवनों से हादसे का खतरा अधिक रहता है।