रेवाड़ी: श्मशान की जमीन में मुर्दे करेंगे ‘कसरत’, पंचायत विभाग ने बना दी ओपन जिम
रेवाड़ी के भाड़ावास गांव में श्मशान भूमि पर आठ लाख रुपये की लागत से ओपन जिम बनाई गई है, जिससे ...और पढ़ें
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पंचायत विभाग ने बना दी ओपन जिम। जागरण
HighLights
भाड़ावास गांव में श्मशान भूमि पर बनी ओपन जिम।
आठ लाख रुपये की लागत से हुआ निर्माण कार्य।
ग्रामीणों द्वारा उपयोग न करने पर उठ रहे सवाल।
मुकेश शर्मा, रेवाड़ी। एक तरफ अंतिम संस्कार की जगह और उसके ठीक बिल्कुल सामने रखा कसरत का सामान। यह नजारा गांव भाड़ावास की श्मशान भूमि का है। यहां पंचायत विभाग द्वारा दी गई ग्रांट से ग्राम पंचायत ने ओपन जिम बना दी है।
करीब चार माह पहले बनाई इस ओपन जिम में ग्रामीण भले ही कसरत करने नहीं पहुंचे, लेकिन जब किसी के अंतिम संस्कार के लिए जाते हैं, तो उन्हें परेशानी जरूर होती है। क्योंकि जिस टीनशेड के नीचे बैठने की व्यवस्था थी, उसी शेड के नीचे यह ओपन जिम है।
दशकों से श्मशान भूमि
दरअसल, गांव भाड़ावास के बिल्कुल बाहर शाहजहांपुर रोड के साथ लगती ग्राम पंचायत की करीब आधा एकड़ जमीन पर दशकों से श्मशान भूमि बनी हुई है। यहां तीन शेड हैं। दो टीन शेड के नीचे अंतिम संस्कार और एक बड़े टीन शेड के नीचे यहां पहुंचने वाले लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था थी। करीब चार माह पहले पंचायत विभाग से गांव भाड़ावास में ओपन जिम बनाई जानी थी।
पंचायत ने किसी अन्य जगह की बजाय श्मशान भूमि को ही ओपन जिम के लिए उपयुक्त समझा और जिम बनवा दी। करीब आठ लाख रुपये की लागत से ओपन जिम और टाइल बिछाने का कार्य हुआ।
वहीं, अब श्मशान भूमि के अंदर ओपन जिम बनाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि अगर गांव में ही किसी अन्य स्थान पर यह जिम बनाई जाती तो शायद ग्रामीण इसका फायदा उठाते, लेकिन गांव से बाहर और वो भी श्मशान भूमि के अंदर बनी जिम में जाने से ग्रामीण भी कतराते हैं।
सरकार के आदेश में बनाई जा रही ओपन जिम
गांव के पंच पवन कुमार के अनुसार, सरकार के आदेश के बाद प्रत्येक गांवों में ओपन जिम बनवाई जा रही हैं। ओेपन जिम के लिए 450 वर्गगज जमीन चाहिए थी। गांव भाड़ावास की पंचायत के पास साढ़े 300 वर्गगज से बड़ा कोई प्लाट नहीं था।
सरपंच सुनील कुमार के अनुसार, इतनी जगह किसी दूसरी जगह नहीं होने के कारण ही श्मशान भूमि में ओपन जिम बनवाई गई है। अब सवाल यह है कि जब जगह का अभाव था तो श्मशान भूमि में जिम बनवाकर पैसों की क्यों बर्बादी की गई, क्योंकि यहां न तो ग्रामीण पहुंचते हैं और न ही बच्चे आते हैं।
श्मशान भूमि के अंदर ओपन जिम बनाने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं इसे चेक करवाता हूं। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र सारनवान, डीडीपीओ, रेवाड़ी
