सुनील चौहान, धारूहेड़ा

यह हैरान करने वाली बात है कि ततारपुर इस्तमुरार स्थित जिले के एकमात्र राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डेढ़ साल से स्टॉफ की कमी बनी हुई है। डेढ़ साल से इस स्कूल में न कामर्स का और न ही फिजिक्स के शिक्षक हैं। शिक्षकों के अभाव के कारण ही इस सेशन में 100 से अधिक विद्यार्थी स्कूल छोड़ चुके हैं। 1998 में मिला था मॉडल स्कूल का दर्जा

वर्ष 1998 में बेहतर रिजल्ट व सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए ततारपुर के राजकीय स्कूल को मॉडल संस्कृति स्कूल का दर्जा दिया गया था। जिले में एक मात्र यही सरकारी स्कूल था, जहां पर अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जाती थी। बेहतर शिक्षा व सुविधाओं का ही परिणाम था कि पिछले साल इस राजकीय स्कूल में 990 विद्यार्थी थे। 100 से अधिक छात्रों ने छोड़ा स्कूल

स्कूल में वर्तमान में 11वीं तथा 12वीं में 382 विद्यार्थी है, जबकि पिछले साल यह संख्या 480 थी। स्कूल में कॉर्मस व फिजिक्स के प्रोफेसर के पद करीब डेढ़ साल से खाली है। पहले जहां स्कूल में साइंस व कामर्स के दो-दो सेक्शन थे वहीं अब विद्यार्थी कम होने व स्टॉफ की कमी के कारण एक-एक ही सेक्शन रह गया है। दोनों ही संकायों में अब कुल मिलाकर 90 विद्यार्थी ही रह गए हैं। अगर इस साल भी स्टॉफ की नियुक्ति नहीं होती है तो निश्चित तौर पर स्थिति और भी खराब हो सकती है। पंचायत मिल चुकी है अधिकारियों से, कोई सुनवाई नहीं

गांव की सरपंच अर्चना देवी बताती है कि पिछले साल जब कई बच्चों ने स्कूल छोड़ा था, उस समय पंचायत प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से मिलकर स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए कहा था। अधिकारियों की तरफ से आश्वासन मिला था कि स्टॉफ को पूरा कर दिया जाएगा लेकिन डेढ़ साल से स्टॉफ नहीं आया है और विद्यार्थियों की तादाद लगातार कम हो रही है। फिजिक्स व कामर्स के शिक्षकों की पदोन्नति के बाद से यहां दोनों ही पद खाली है। इस पदों को भरने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। पंचायत की ओर से भी दो बार शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत दी जा चुकी है। वर्तमान में कार्यरत स्टाफ से दोनों विषय पढ़वाए जा रहे हैं, ताकि पढाई बाधित नहीं हो।

धर्मबीर, प्राचार्य, मॉडल संस्कृति स्कूल, ततारपुर इस्तमुरार

Posted By: Jagran