संवाद सहयोगी भिवाड़ी: भिवाड़ी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अलवर कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने भिवाड़ी में कार में अकेले चलने वालों के चालान काटने के आदेश दिए हैं। बृहस्पतिवार से अधिकारियों ने ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए चालान भी काटे हैं।

भिवाड़ी और धारूहेड़ा का प्रदूषण स्तर पिछले कई दिनों से खराब है और क्षेत्र में स्माग छाई हुई है। बृहस्पतिवार को भिवाड़ी का पीएम 2.5 का स्तर 397 तक रहा। भिवाड़ी में प्रदूषण का स्तर 400 के आसपास बना हुआ है। दूसरी ओर, भिवाड़ी मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (बीएमए) ने क्लेक्टर के आदेशों का विरोध किया है। बृहस्पतिवार को बीएमए की बैठक भी हुई।

अलवर क्लेक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने बुधवार को भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया था और अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रदूषण रोकने के लिए इंतजाम नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार भी लगाई। बढ़ते प्रदूषण के बाद जिला कलेक्टर ने आगामी आदेश तक भिवाड़ी में कार चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया। आदेश के अनुसार कंपनियों व निजी कार्य के लिए कार तभी चला सकेंगे जब पांच सीटर गाड़ी में उतने ही लोग बैठे होंगे। कार में चार लोगों तक बैठने पर चालान नहीं काटा जाएगा। इससे कम लोग मिलने पर चालान काट दिया जाएगा। कर्मचारियों को कंपनी की बसों का उपयोग करना होगा। भिवाड़ी से गुजरने वालों वाहनों को छूट रहेगी। कंपनी के बाहर कोई कार खड़ी मिलती है तो उसका भी चालान काटा जाएगा। कार कंपनी परिसर में ही खड़ी करनी होगी। माल वाहक वाहन चल सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों से प्रतिदिन दो सौ चालान बनाने के निर्देश दिए हैं। बीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोहिताश्व सिंह तोमर के नेतृत्व में कमेटी भी गठित की गई। फिलहाल ये आदेश इंडस्ट्रियल एरिया के अंतर्गत लागू किए गए हैं। उन्होंने फैक्ट्री संचालकों को कर्मचारियों को बसों से बुलाने के निर्देश दिए हैं। अचानक बसों के इंतजाम करने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी इंडस्ट्रियल एरिया के फैक्ट्री संचालकों को वाहन उपलब्ध कराने को कहा है।

उद्यमियों ने किया विरोध: कलेक्टर द्वारा दिए गए आदेशों का भिवाड़ी मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (बीएमए) ने विरोध किया है। बीएमए के प्रधान सुरेंद्र सिह चौहान ने कहा कि अचानक हजारों कर्मचारियों को बसों से लाने का इंतजाम किया जाना संभव नहीं है। सरकार के सभी आदेश सिर्फ उद्यमियों पर ही लागू किए जाते हैं। उद्यमी इस निर्णय का विरोध करते है।

धारूहेड़ा में 288 रहा एक्यूआइ: धारूहेड़ा में वायु गुणवत्ता सूचकांक 288 रहा। पीएम2.5 का स्तर 288 व पीएम10 का स्तर 185 रहा। धारूहेड़ा में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक दीवाली के बाद तो 400 से अधिक तक पहुंच गया था। स्माग की चादर लगातार छाए रहने से लोगों को सांस लेने तक में परेशानी हो रही है। अहम बात यह है कि भिवाड़ी में तो प्रशासन ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं, लेकिन रेवाड़ी में ऐसे कोई भी प्रयास नहीं हो रहे हैं।

Edited By: Jagran