जागरण संवाददाता, रेवाड़ी: संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद अब चालान 100-200 रुपये के नहीं बल्कि हजारों के कट रहे हैं। शुक्रवार को शहर के मोहल्ला परशुराम कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति की स्कूटी का पुलिस ने 23 हजार रुपये का चालान काट दिया। हजारों रुपये का चालान कटा तो व्यक्ति ने अपनी स्कूटी ही पुलिस के पास छोड़ दी तथा खुद पैदल चले गए। व्यक्ति का कहना है कि उनकी पुरानी स्कूटी की कीमत ही महज 5-7 हजार है और चालान 23 हजार रुपये का है। वह इतना चालान भरने में सक्षम नहीं है। इतना चालान भरने की नहीं क्षमता

शहर के मोहल्ला परशुराम कॉलोनी निवासी सुरेंद्र शर्मा मशीन का काम करते थे तथा वर्तमान में वे बेरोजगार हैं। सुरेंद्र काम की तलाश में घर से निकले थे। महाराणा प्रताप चौक के निकट पुलिस ने उनकी स्कूटी को रुकवा लिया। सुरेंद्र के पास कागजात नहीं थे तो पुलिस ने उनका चालान काट दिया। चालान काटकर जब सुरेंद्र के हाथ में थमाया गया तो उनके होश ही उड़ गए। चालान 23 हजार रुपये का था। सुरेंद्र ने अपनी स्कूटी चालान काटने वाले पुलिसकर्मी को ही सौंप दी तथा कहा कि वह इतना अधिक चालान भरने में सक्षम नहीं है। सुरेंद्र का लाइसेंस, आरसी, हेलमेट, इंश्योरेंस व प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं होने का चालान काटा गया है। सुरेंद्र का कहना है कि उनके पास आरसी व लाइसेंस है लेकिन इनको दिखाने के बावजूद भी कम से कम 15 हजार रुपये का चालान तो बचेगा ही। उनकी स्कूटी की कीमत तो इतनी भी नहीं है। वे अब कोर्ट के समक्ष ही गुहार लगाएंगे। चालान तो भरना ही पड़ेगा:

एडवोकेट निगेश शर्मा का कहना है कि चालान संबंधित व्यक्ति के नाम से कटा है। अगर पुलिस के पास चालान नहीं भरेंगे तो कोर्ट से नोटिस जाएगा। हालांकि यह हो सकता है कि कोर्ट चालान की राशि थोड़ी कम कर सकती है। अगर चालान नहीं भरते हैं तो सजा का भी प्रावधान है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस