जागरण संवाददाता, रेवाड़ी: सरकारी व्यवस्थाओं से पार पाना कई बार इतना भयावह हो जाता है कि मन भीतर तक हिल जाता है। ऐसा ही एक वाकिया बृहस्पतिवार को नागरिक अस्पताल में देखने को मिला जब एक पिता अपने बेसुध बेटे को गोद में उठाकर इधर से उधर घूमता रहा लेकिन उसे न सही रास्ता दिखाया गया और न सही उपचार दिया गया। समय पर अगर अस्पताल में मौजूद एक महिला व एक अधिवक्ता का दिल नहीं पसीजता तो शायद आज का दिन उस पिता के लिए काला दिन बन सकता था। उल्टियां आने पर कराया था भर्ती

मध्यप्रदेश के जिला पन्ना निवासी हेमलाल पिछले कुछ समय से ढालियावास में किराये पर रह रहे हैं। हेमलाल के 6 वर्षीय छोटे बेटे रितेश की बृहस्पतिवार को अचानक से तबीयत खराब हो गई। उसे उल्टियां आ रही थी। हेमलाल अपने बेटे को नागरिक अस्पताल में लेकर गए। वहां उनके बेटे को भर्ती कर लिया गया तथा उपचार भी शुरू कर दिया। ग्लूकोज लग ही रही थी कि अचानक डॉक्टर ने बोल दिया कि बच्चे को यहां से पीजीआइ रोहतक ले जाओ। पर्ची पर बच्चे को रेफर तो कर दिया गया लेकिन हेमलाल अपने बेटे को रोहतक तक लेकर कैसे जाए इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया।

हेमलाल अपने बेटे को गोद में लेकर इधर से उधर घूमता रहा। उसके लिए न तो स्ट्रेचर और न ही सरकारी एंबुलेंस तक का प्रबंध किया गया। हेमलाल को बताया गया कि वह निजी एंबुलेंस ले ले। निजी एंबुलेंस चालक से हेमलाल ने बात की तो उसने रोहतक के लिए ढाई हजार रुपये मांगे। हेमलाल के पास इतने पैसे थे नहीं और वह फूट फूटकर रो रहा था। महिला व अधिवक्ता ने बढ़ाए मदद के हाथ

इसी दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद गुरुग्राम जिला निवासी महिला सुमन व शहर के मोहल्ला लक्ष्मीनगर निवासी अधिवक्ता जेपी शर्मा ने हेमलाल की दयनीय दशा को देखा तो उनका कलेजा पसीज गया। वे लोग तुरंत ही उसके बच्चे को लेकर शहर के एक निजी अस्पताल में पहुंचे। महिला ने हेमलाल को जहां चार हजार रुपये की मदद दी वहीं अधिवक्ता जेपी शर्मा ने बच्चे के पूरे उपचार का खर्च खुद ही उठाना शुरू कर दिया है।

बच्चे को निजी अस्पताल में होश आ गया है तथा उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। बच्चे की तो जान बच गई लेकिन सरकारी व्यवस्था के इस चेहरे ने एक बार फिर से बता दिया कि सुधार की अभी बहुत गुंजाइश है। अस्पताल से रेफर होने वाले मरीजों को सरकारी एंबुलेंस मुहैया कराई जाती है। बीपीएल कार्ड धारक के लिए एंबुलेंस निश्शुल्क है लेकिन अन्य लोगों को सरकार द्वारा निर्धारित किराये पर एंबुलेंस मिल सकती है। हमारे कंट्रोल रूम से एंबुलेंस ली जा सकती है। चिकित्सकों को इस बाबत जानकारी देनी चाहिए ताकि मरीज को परेशान न होना पड़े।

-डॉ. लालसिंह, उप सिविल सर्जन व नोडल अधिकारी एंबुलेंस

Posted By: Jagran

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