रेवाड़ी, जागरण संवाददाता। सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण बुधवार की रात गांव गोलियाकी में सैकड़ों एकड़ फसल में दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। पानी जमा होने से किसानों की सरसों व गेहूं की फसल खराब होने खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। नहर टूटी होने के बावजूद रात को पानी छोड़ दिया गया। किसानों ने प्रशासन से फसल में हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।

टूटी हुई है नहर

गांव गोलियाकी के निकट नहर को पक्का किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त नहर पर क्रासिंग के लिए पुलिया भी बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य के कारण गांव गोलियाकी के निकट से नहर को तोड़ा हुआ है। अधिकारियों को भी इस बारे में अच्छी तहर पता था कि निर्माण कार्य के कारण गांव के निकट नहर को तोड़ा हुआ है। इसके बावजूद नहर में बुधवार की रात को पानी छोड़ दिया गया। ग्रामीण बृहस्पतिवार की सुबह खेतों की तरफ गए तो नहर में पानी आने व फसल में जमा होने का पता लगा।

लापरवाही का आराेप

गांव गोलियाकी की रहने वाले किसान महीपाल, प्रहलाद सिंह, मनोज कुमार, अमन यादव, नवीन कुमार, रामप्रसाद, ईश्वर सिंह, सुरेश कुमार, राज कुमार, सुरेंद्र कुमार व नरेंद्र कुमार आदि ने बताया कि रातभर नहर में पानी आने से सैकडों एकड़ सरसों व गेहूं की फसल में पानी भर गया। खेतों में दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया है। कई दिनों तक पानी के सूखने की कोई संभावना नहीं है, जिस कारण फसलों में भारी नुकसान होगा। अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से फसल की गिरदावरी कराने व नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।

Edited By: Jagran News Network

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