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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rewari: जमीन अधिग्रहण के लिए बैंक खाते से निकाले ढाई करोड़ रुपये, आयकर विभाग के नोटिस आने पर लगा ठगी का पता

By Jagran NewsEdited By: Jagran News Network
Published: Thu, 16 Feb 2023 10:56 AM (IST)

Rewar News एक महिला के बैंक खाते से फर्जी ट्रांजेक्शन कर ढ़ाई करोड़ रुपये निकाल लिए गए। ट्रांजेक्शन के बाद ...और पढ़ें

महिला के बैंक खाते से फर्जी ट्रांजेक्शन कर ढ़ाई करोड़ रुपये निकाल लिए गए।
महिला के बैंक खाते से फर्जी ट्रांजेक्शन कर ढ़ाई करोड़ रुपये निकाल लिए गए।

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। गांव आसलवास की रहने वाली एक महिला के बैंक खाते से फर्जी ट्रांजेक्शन कर ढ़ाई करोड़ रुपये निकाल लिए गए। ट्रांजेक्शन के बाद इनकम टैक्स विभाग से महिला को नोटिस मिलने के बाद ठगी का पता लगा। महिला की शिकायत के बाद बैंक की ओर से कोई मदद नही की गई। महिला ने अब पुलिस को शिकायत देकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। माडल टाउन थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। महिला ने बैंक के कर्मचारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है।

कैंप में खोल गया था खाता

पुलिस को दी शिकायत में गांव आसलवास की रहने वाली मल्ही देवी ने कहा है कि उनकी जमीन एचएसआइआइडीसी द्वारा उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया था। वर्ष 2009 में आइसीआइसीआइ बैंक की ब्रास मार्केट ब्रांच द्वारा गांव में कैंप लगा कर खाते खोले गए थे। उनके पति रोहताश ने ज्वाइंट खाता खुलवाया था। इस खाते से उन्होंने अभी तक सिर्फ पांच हजार रुयपे की ट्रांजेक्शन की है। इसके अतिरिक्त कभी भी कोई ट्रांजेक्शन नहीं की गई। 15 सितंबर 2012 में उनके पति रोहताश की मौत हो गई थी। वह पूरी अनपढ़ है और उसने भी कभी बैंक से रुपये नही निकलवाए।

नोटिस आने पर लगा पता

महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके घर पर बैंक खाते से दो से ढाई करोड़ की ट्रांजेक्शन होने का नोटिस मिला। उन्होंने बैंक में जाकर जानकारी जुटाई तो पता लगा की खाते से फर्जी ट्रांजेक्शन के जरिए रुपये निकाले गए है। इस मामले में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत का भी संदेह है। वर्ष 2010 से 2015 के बीच उनके खाते से करीब ढाई करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन की गई है। नोटिस मिलने के बाद उन्होंने अपने बेटे कंवर सिंह के जरिए बैंक अधिकारियों से संपर्क किया और फिर ट्रांजेक्शन से संबंधित जानकारी मांगी। बैंक अधिकारियों ने उन्हें किसी तरह की जानकारी नहीं दी। उन्होंने मामले की शिकायत रिजर्व बैंक आफ इंडिया, आइसीआइसीआइ मुख्यालय व सीएम विंडो पर भी दी है। माडल टाउन थाना पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।