रेवाड़ी, जेएनएन। औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा की एक सोसायटी में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले नाबालिग आरोपित को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद और पांच लाख रुपये जुर्माना की सजा दी है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने मामले पर सुनवाई करते हुए घटना के मात्र 25 दिन में दोषी को सजा सुनाई है।

दोषी को जल्द सजा दिलाने में पुलिस की भी अहम भूमिका रही। सरकारी वकील प्रवीन कुमार ने पीड़ित पक्ष की ओर से मामले की पैरवी की। 26 अगस्त को हुआ था दुष्कर्म धारूहेड़ा स्थित एक सोसायटी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट में रहने वाली तीन साल की मासूम बच्ची को सोसायटी में ही किराए पर रहने वाले उत्तर प्रदेश निवासी एक नाबालिग लड़के ने 26 अगस्त को अगवा कर लिया था। 

आरोपित ने एक बंद पड़े एक फ्लैट में बच्ची को ले जाकर दुष्कर्म किया था। बच्ची के साथ दुष्कर्म की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक नाजनीन भसीन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने भारी पुलिसबल के साथ कस्बा में सर्च अभियान चला भागने का प्रयास कर रहे आरोपित को दबोच लिया था।

9 दिन में पेश किया चालान

एसपी के निर्देश पर इस मामले में काम करने वाली पूरी पुलिस टीम ने 9 दिन के भीतर जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया। आरोपित की उम्र की सही जांच कराने के लिए भी पुलिस ने मेडिकल टेस्ट भी कराया था, जिसमें वह नाबालिग पाया गया। इसके अलावा आरोपित का डीएनए टेस्ट भी कराया गया। आरोपित को सजा दिलाने के लिए पुलिस ने अदालत के समक्ष डीएनए रिपोर्ट प्रस्तुत की।

28 गवाहों के बयान हुए थे दर्ज

अदालत में 28 गवाहों के बयान भी दर्ज करा गए। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों व गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को नाबालिग को दोषी करार देते हुए धारा 363,366 और 6 पोक्सो एक्ट में तीन-तीन साल की कैद व पांच लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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Posted By: Mangal Yadav

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